छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती, ईडी ने बताया—“सिंडिकेट के शीर्ष पर थे चैतन्य ”

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती, ईडी ने बताया—“सिंडिकेट के शीर्ष पर थे चैतन्य ”

रायपुर, 13 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। ईडी रायपुर जोनल ऑफिस ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की करीब ₹61.20 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 10 नवंबर को की गई।

364 प्लॉट और कृषि भूमि सहित अचल संपत्तियां जब्त

ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में अचल संपत्तियां (364 प्लॉट, कृषि भूमि): ₹59.96 करोड़
चल संपत्तियां (बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट): ₹1.24 करोड़ शामिल हैं।।एजेंसी ने बताया कि इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है और आगे की जांच जारी है।

ईडी की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: “चैतन्य बघेल थे सिंडिकेट के शीर्ष पर”

ईडी की जांच में सामने आया है कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के मुख्य संचालक के रूप में कार्य कर रहे थे।
एजेंसी के बयान के अनुसार, “चैतन्य बघेल ही अवैध धन के संग्रह, वितरण और हिसाब-किताब के केंद्र में थे। पूरा नेटवर्क उन्हीं के निर्देश पर संचालित होता था।”

रियल एस्टेट में अवैध धन को वैध दिखाने का आरोप

ईडी ने दावा किया कि बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त धन को अपनी रियल एस्टेट परियोजना ‘विठ्ठल ग्रीन’ में निवेश किया। यह प्रोजेक्ट उनकी कंपनी एम/एस बघेल डेवलपर्स के नाम से संचालित होती है। एजेंसी के मुताबिक, यह “लेयरिंग” की प्रक्रिया के तहत अवैध धन को वैध दिखाने का प्रयास था।

शराब घोटाले की पृष्ठभूमि

यह जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर की एफआईआर पर आधारित है। एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि इस घोटाले से राज्य को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ और लगभग ₹2500 करोड़ की अवैध कमाई कुछ अधिकारियों, व्यापारियों और राजनीतिक व्यक्तियों तक पहुंचाई गई।

गिरफ्तारी और अब तक की कार्रवाई

ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया था। वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इससे पहले इस केस में पूर्व आईएएस अमित तुतेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अनवर धाबर, अरुण पति इनपाठी (ITS) और पूर्व मंत्री कावासी लखमा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।अब तक ईडी कुल ₹276 करोड़ की संपत्तियां (पहले की ₹215 करोड़ सहित) अटैच कर चुकी है। एजेंसी ने कहा है— “जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे संभव हैं।”

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