माइक्रो आर्ट का मास्टरपीस — संगमरमर पर उकेरी मोदी जी की आकृति, फ्रेम में झलकता रामलला मंदिर, सीएम साय ने कहा– “यह केवल कला नहीं, समर्पण का प्रतीक है”

माइक्रो आर्ट का मास्टरपीस — संगमरमर पर उकेरी मोदी जी की आकृति, फ्रेम में झलकता रामलला मंदिर, सीएम साय ने कहा– “यह केवल कला नहीं, समर्पण का प्रतीक है”

रायपुर, 13 नवंबर 2025। मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम में आज एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब भिलाई निवासी अंकुश देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को संगमरमर पर बनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूक्ष्म प्रतिमा भेंट की। यह प्रतिमा इतनी सूक्ष्म है कि इसे देखने के लिए विशेष माइक्रोस्कोपिक लेंस की आवश्यकता पड़ती है। संगमरमर के बेहद छोटे टुकड़े पर बारीकी से तराशी गई इस प्रतिमा के पीछे अयोध्या स्थित रामलला मंदिर की भव्य प्रतिकृति भी उकेरी गई है। फ्रेम को देखते ही मुख्यमंत्री साय ने विस्मय व्यक्त करते हुए कहा — “यह केवल कला नहीं, बल्कि समर्पण और धैर्य का प्रतीक है। अंकुश जी ने प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रति अपनी भावना को जिस खूबसूरती से अभिव्यक्त किया है, वह सचमुच प्रशंसनीय है।”

भिलाई के कलाकार की अद्भुत साधना

55 वर्षीय अंकुश देवांगन, जो भिलाई स्टील प्लांट में एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं, पिछले 45 वर्षों से माइक्रो आर्ट की दुनिया में निरंतर नए प्रयोग कर रहे हैं। बचपन में लकड़ी के खिलौने बनाने से शुरू हुआ उनका सफर अब संगमरमर पर सूक्ष्म मूर्तिकला तक पहुँच गया है।।उन्होंने बताया कि आधे सेंटीमीटर आकार की इस प्रतिमा को तैयार करने में उन्हें करीब दो महीने का समय लगा। दिन में नौकरी और रात में कला— यही उनकी दिनचर्या रही। अंकुश के मुताबिक “मोदी जी ने राम मंदिर का सपना पूरा किया, इसलिए मैंने दोनों को एक ही फ्रेम में स्थान दिया। यह मेरा छोटा-सा श्रद्धांजलि स्वरूप योगदान है,”

मुख्यमंत्री ने दी प्रदर्शनी लगाने की पेशकश

मुख्यमंत्री श्री साय ने अंकुश देवांगन की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ऐसे कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदर्शनी आयोजित करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस विशेष फ्रेम को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रदर्शित किया जाएगा।
जनदर्शन में जहाँ आमतौर पर लोग अपनी समस्याएँ लेकर आते हैं, वहीं आज एक कलाकार अपनी कला लेकर आया और सबका दिल जीत लिया।

अगला लक्ष्य: दुनिया की सबसे छोटी रामसेतु प्रतिकृति

श्री देवांगन ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य दुनिया की सबसे छोटी रामसेतु प्रतिकृति बनाना है। वे कहते हैं — “जब तक हाथ चलते रहेंगे, कुछ नया बनता रहेगा।”

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