पाटन । चंद्राकर समाज परिक्षेत्र जामगांव एम, सांतरा एवं जामगांव आर की संयुक्त बैठक सामाजिक भवन पाटन में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक में समाज को संगठनात्मक रूप से मजबूत बनाने, आपसी समन्वय बढ़ाने एवं भविष्य की दिशा तय करने को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों एवं सामाजिक बंधुओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि चंद्राकर समाज सदैव सामाजिक समरसता, संस्कार एवं एकता का प्रतीक रहा है। वर्तमान समय में समाज को और अधिक संगठित, जागरूक एवं सशक्त बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं एवं मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
वक्ताओं ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सहयोग एवं आपसी समन्वय को समाज विकास की प्राथमिक आवश्यकता बताते हुए कहा कि संगठनात्मक मजबूती से ही समाज की आवाज प्रभावशाली बनेगी तथा सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। सभी से मतभेद भुलाकर एकजुट होने और समाज को नई दिशा व नई पहचान दिलाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से लोकमनी चंद्राकर (अध्यक्ष उपक्षेत्र जामगांव एम), घुरऊराम चंद्राकर (अध्यक्ष उपक्षेत्र सांतरा), चेतन चंद्राकर (अध्यक्ष उपक्षेत्र जामगांव आर) सहित लवकुश चंद्राकर, भूषण चंद्राकर, कमलेश चंद्राकर, खिलावन चंद्राकर, अरुण चंद्राकर, सियाराम चंद्राकर, श्यामलाल चंद्राकर, कमलनारायण चंद्राकर, ईश्वर चंद्राकर, शीतल चंद्राकर, हरीराम चंद्राकर, कृष्णकुमार चंद्राकर, भेनकुमार चंद्राकर, रमेश कुमार चंद्राकर, कान्तुराम चंद्राकर, राजूलाल चंद्राकर, श्रीमती उपासना चंद्राकर, श्रीमती स्वर्णा चंद्राकर, श्रीमती दुर्गा चंद्राकर, श्रीमती नीता चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु एवं बहनें उपस्थित रहीं।