दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र भिलाई में मंगलवार शाम एक बड़ा औद्योगिक हादसा होते-होते टल गया। हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया स्थित केएसएस हाइड्रोकार्बन फैक्ट्री में पिच ऑयल की लोडिंग के दौरान अचानक पाइपलाइन फट गई, जिससे गर्म केमिकल बाहर फैल गया और हवा के संपर्क में आते ही घना जहरीला धुआं उठने लगा। घटना के बाद पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार छा गया, जिससे आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूरों और स्थानीय लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बच्चों को उल्टियां होने की भी सूचना है।
सायरन नहीं बजाया, देर से पहुंची दमकल टीम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच हुआ, लेकिन कंपनी प्रबंधन ने न तो इमरजेंसी सायरन बजाया और न ही तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद दमकल विभाग की टीम रात करीब 8:30 बजे मौके पर पहुंची, तब तक धुआं पूरे क्षेत्र में फैल चुका था।
मजदूरों में दहशत, काम छोड़कर भागे
पास की फैक्ट्रियों के संचालकों का कहना है कि जहरीले धुएं के कारण मजदूरों को खांसी और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। एक फैक्ट्री संचालक ने बताया कि उनकी रात की शिफ्ट के मजदूर काम छोड़कर खांसते हुए घर लौट गए।
कंपनी पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय फैक्ट्री मालिकों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर सायरन बजा दिया जाता, तो मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा सकता था और नुकसान कम होता। जब शिकायत लेकर लोग कंपनी दफ्तर पहुंचे, तो वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने के लिए मौजूद नहीं मिला। कर्मचारियों का रवैया भी नकारात्मक बताया गया।
क्या कहता है कानून?
औद्योगिक सुरक्षा नियमों के अनुसार, किसी भी केमिकल रिसाव या हादसे की स्थिति में तुरंत सायरन बजाना, बिजली-गैस सप्लाई बंद करना और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना अनिवार्य होता है। लेकिन इस घटना में इन सभी प्रोटोकॉल की अनदेखी सामने आई है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
जिला अग्निशमन अधिकारी ने मौके का निरीक्षण कर बताया कि पिच ऑयल के रिसाव से धुआं फैला। कंपनी का तर्क है कि आग नहीं लगी थी, इसलिए दमकल को सूचना नहीं दी गई। हालांकि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।