पाटन। पाटन ब्लॉक अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत लंबित कार्यों को प्रशासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इससे क्षेत्र के श्रमिकों में उत्साह का वातावरण निर्मित हुआ है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि विगत कई महीनों से मनरेगा कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण श्रमिक वर्ग रोजगार के अभाव से प्रभावित हो रहा था, जिससे पलायन की स्थिति भी निर्मित हो रही थी। इस परिप्रेक्ष्य में गत दिनों जनकल्याण समिति पाटन द्वारा जनपद पंचायत पाटन के समक्ष संगठित रूप से धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था।
प्रशासन द्वारा संज्ञान लेते हुए अब कुर्मीगुंडरा, बेलोदी, निपानी, गातापार, गाड़ाडीह, मुड़पार, महकाकला, कालाकोट, देमार, तरीघाट, दरबार, मोखली, सेमरी, पंदर, बोरीद, खोला, रेंगाकठेरा, चुलगहन, खम्हरिया, चंगोरी, भरर, सोरम, गुजरा एवं मटिया सहित अधिकांश ग्राम पंचायतों में कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं। शीघ्र ही सभी स्थानों पर कार्य प्रारंभ किए जाने की कार्यवाही प्रगति पर है।
जनकल्याण समिति के प्रमुख युगल आडिल के अनुसार, श्रमिकों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए यह आंदोलन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। उन्होंने बताया कि अब कार्य स्वीकृति एवं लंबित मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ होने से श्रमिकों को राहत मिलेगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार संभव होगा। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को अपात्र घोषित किए जाने के संबंध में भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस विषय पर समिति द्वारा पुनः परीक्षण एवं पारदर्शी जांच की मांग प्रशासन के समक्ष रखी गई है।प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि पात्रता की श्रेणी में आने वाले हितग्राहियों को योजनाओं का समुचित लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित कर प्रक्रिया को पारदर्शी एवं जनोन्मुख बनाया जाए।