एग्रीटेक के बाद अब गेटपास—आधार सत्यापन से किसान परेशान : सुबह 10.30 बजे पहुँचे अन्नदाता को शाम 3 बजे मिला कट्टा, विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू ने व्यवस्था सुधारने की दी नसीहत

एग्रीटेक के बाद अब गेटपास—आधार सत्यापन से किसान परेशान : सुबह 10.30 बजे पहुँचे अन्नदाता को शाम 3 बजे मिला कट्टा, विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू ने व्यवस्था सुधारने की दी नसीहत

पाटन। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुरू किया गया। प्रथम दिवस पर राज्यभर के सभी सेवा सहकारी समितियों में प्राधिकृत अधिकारियों, नोडल अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूजा-अर्चना कर खरीदी कार्य की शुरुआत की। लेकिन खरीदी व्यवस्था के पहले ही दिन किसानों को एग्रीटेक, आधार सत्यापन और गेटपास जैसी प्रक्रियाओं में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक भनसूली(के) के किसान गजेंद्र साहू को 14 क्विंटल धान का ऑनलाइन टोकन मिला था। निर्धारित समय पर वह सुबह 10.30 बजे धान लेकर ट्रैक्टर सहित डंगनिया खरीदी केंद्र पहुँचे। पहुंचते ही उन्हें बताया गया कि आधार सत्यापन और गेटपास के बाद ही धान की खरीदी होगी। जटिल औपचारिकताओं के कारण किसान शाम 3 बजे तक कट्टा प्राप्त करने के लिए इंतजार करते रहे।

मामले की जानकारी मिलते ही विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू ने खरीदी केंद्र जाकर किसानों की समस्या सुनी और शासन-प्रशासन को नसीहत देते हुए कहा कि “किसान सालभर फार्मेल्टियों में उलझा रहता है। विपरीत परिस्थितियों में फसल बचाकर जब बेचने आता है तो फिर नई-नई तकनीकी प्रक्रियाओं से उसे परेशान किया जा रहा है। सभी किसान शिक्षित नहीं होते, ऐसे में प्रक्रिया सरल और सुचारू होनी चाहिए। किसान बोना जानते हैं तो उखाड़ना भी जानते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि धान खरीदी में यदि किसान हितों की अनदेखी हुई तो इसका पुरजोर विरोध होगा। इस दौरान कृषक किशोर साहू, किसान गजेंद्र साहू, श्रवण साहू सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *