जामगांव आर में श्रीराम मंदिर के बाद अब हरित मंदिर की ओर कदम ! डोंगिया तालाब में ‘उषा-वसंत हरित सेतु’ का आगाज- बरगद-पीपल-कदम्ब-नीम के पौधों से सजेगा तालाब

जामगांव आर में श्रीराम मंदिर के बाद अब हरित मंदिर की ओर कदम ! डोंगिया तालाब में ‘उषा-वसंत हरित सेतु’ का आगाज- बरगद-पीपल-कदम्ब-नीम के पौधों से सजेगा तालाब

जामगांव-आर। श्रीराम मंदिर निर्माण परिवार एवं रामोत्सव समिति, जामगांव-आर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली संवर्धन को लेकर अभिनव पहल करते हुए ‘उषा-वसंत हरित सेतु’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत नगर की जीवनरेखा माने जाने वाले डोंगिया तालाब की मेड़ पर वृहद वृक्षारोपण कर उसे हरियाली से आच्छादित करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पं. मुरलीधर वैष्णव द्वारा विधिवत वनस्पति पूजन के साथ हुआ। इसके ग्रामीणों ने बरगद, पीपल, कदम्ब एवं नीम जैसे पर्यावरणीय एवं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का रोपण किया। लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध भी किए गए, ताकि पौधे सुरक्षित रूप से विकसित होकर आने वाले वर्षों में क्षेत्र को छायादार एवं हराभरा बना सकें।

इस अवसर पर सरपंच रूपेंद्र शुक्ला ने कहा कि वृक्षारोपण भी यज्ञ के समान एक पुनीत कार्य है। पौधे लगाना केवल प्रकृति को संवारना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण तैयार करना है। शासकीय महाविद्यालय जामगांव-आर के अध्यक्ष नरेश केला ने कहा कि नगर में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद चंद्राकर परिवार द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में की जा रही यह पहल भी जनहितकारी कार्य है। सेजेस बेल्हारी अध्यक्ष मनीष चंद्राकर ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ युवाओं और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष किशोर साहू ने कहा कि वर्तमान समय में धर्म और समाज के लिए सोचने एवं उसके लिए समय निकालकर कार्य करने वालों की आवश्यकता है। गांव और समाज के हित में किए जा रहे ऐसे पुनीत कार्यों में सभी को सहयोग और सहभागिता निभानी चाहिए।

• डोंगिया तालाब सिर्फ जलस्रोत नहीं, हमारी यादों की धरोहर है—संदीप चंद्राकर बोले, इसे सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाना हम सबकी जिम्मेदारी

मुख्य आयोजक, समाजसेवी संदीप चंद्राकर ने सभी अतिथियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डोंगिया तालाब से हम सभी की पुरानी यादें जुड़ी हुई हैं। इसे और अधिक सुंदर तथा पर्यावरण के अनुकूल बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। पीपल, बरगद, कदम्ब और नीम जैसे धार्मिक एवं दैवीय महत्व वाले पौधों के रोपण का उद्देश्य ग्रामीण धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना और गांव में हरियाली को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि ‘उषा-वसंत हरित सेतु’ केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और समाज को जोड़ने का प्रयास है। कार्यक्रम में सरपंच रूपेंद्र शुक्ला,शासकीय कालेज समिति अध्यक्ष नरेश केला, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष किशोर साहू,जिला मंत्री शैलेन्द्री मंडावी, सेजेस बेल्हारी अध्यक्ष मनीष चंद्राकर, मंडल महामंत्री पूर्णेन्द्र सिन्हा, उपसरपंच मुकेश साहू, समाजसेवी नरोत्तम साहू, नंदनी साहू, सुनील चंद्राकर, डॉ. धर्मेंद्र निर्मलकर, योगेंद्र गिरी गोस्वामी, दिनेश कुर्रे, हार्दिक काकड़े, तोरण देवांगन, ठम्मन चंद्राकर, विक्की पटवा, सुनील डहरे, पुकेश्वर सागरवंशी, ललन पाड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *