शहीद एएसपी गिरिपुंजे की कुर्बानी के बाद साय सरकार का अब बस्तर में ‘ऑपरेशन यंग IPS’! पहली बार तैनात किए गए इतने डायरेक्ट आईपीएस अफसर

रायपुर । छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे की शहादत ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। यह घटना न केवल पुलिस महकमे बल्कि राज्य शासन के लिए भी एक बड़ा झटका बनकर सामने आई है।
शहादत के 24 घंटे के भीतर ही राज्य सरकार ने नक्सल मोर्चे पर सबसे बड़ा ‘सर्जिकल एक्शन’ करते हुए 2021 बैच के डायरेक्ट आईपीएस अधिकारियों की फौज बस्तर भेज दी है। अब सवाल सिर्फ नक्सलियों के नेटवर्क का नहीं, बल्कि सरकारी जवाबदेही और रणनीति की धार का है और सरकार ने इस बार चुप्पी नहीं, कार्यवाही से जवाब दिया है।

बस्तर में अब नक्सलियों के सामने होंगे युवा अफसर-
शहादत के 24 घंटे के भीतर, राज्य सरकार ने बस्तर की धरती पर ‘ऑपरेशन यंग आईपीएस’ लॉन्च कर दिया है जिसमें 2021 बैच के सात डायरेक्ट आईपीएस अफसरों को मैदान-ए-जंग में उतारा गया है। सरकारी आदेश के अनुसार, बीजापुर और नारायणपुर में दो-दो, जबकि कांकेर, सुकमा और दंतेवाड़ा में एक-एक एडिशनल एसपी (ऑपरेशन) की तैनाती की गई है। इनमें से सभी अफसर नए हैं, युवा हैं और पहली बार इतने बड़े पैमाने पर डायरेक्ट आईपीएस अधिकारियों को बस्तर के फील्ड ऑपरेशन में लगाया गया है अब हर मोर्चे पर नवीन रणनीति, आधुनिक तकनीक और सीधा एक्शन प्लान के साथ बस्तर में नक्सलियों को घेरा जाएगा।यह पहला मौका है जब बस्तर की नक्सली ज़मीन पर डायरेक्ट आईपीएस अधिकारियों की इस तरह की आक्रामक तैनाती हुई है। सरकार का संदेश साफ है – “अब न नरमी, न सहानुभूति… सिर्फ ऑपरेशन और परिणाम।”

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