हर जिले में विकसित होगा एक आदर्श गांव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए निर्देश, हिवरे बाजार मॉडल से मिलेगा प्रेरणा

हर जिले में विकसित होगा एक आदर्श गांव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिए निर्देश, हिवरे बाजार मॉडल से मिलेगा प्रेरणा

नवा रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार अब प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक ऐसे गांव का विकास करेगी, जो ग्रामीण विकास, जनभागीदारी और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान कर उन्हें स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, जनसहभागिता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। रविवार को नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर गांव ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेंगे। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतें केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव का प्रत्येक नागरिक विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बने। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों का चयन किया जाए, जहां जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए जल संरक्षण, कृषि, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और सामुदायिक परिसंपत्तियों के विकास को प्राथमिकता दी जा सके। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध हिवरे बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि सामुदायिक सहभागिता और संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन से गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है।

लखपति दीदियों के बाद अब करोड़पति दीदी बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 10.40 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर बड़ी संख्या में ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने अधिकारियों को पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।

पीएम आवास और सूर्यघर योजना में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीण परिवारों को सौर ऊर्जा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

हिवरे बाजार मॉडल बना प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के हिवरे बाजार गांव का उदाहरण दिया। कभी सूखा, पलायन, गरीबी और सामाजिक समस्याओं से जूझने वाला यह गांव पद्मश्री पोपटराव पवार के नेतृत्व में जनसहभागिता, जल संरक्षण, शराबबंदी, वृक्ष संरक्षण, नियंत्रित चराई और श्रमदान जैसे सामूहिक प्रयासों से देश के सबसे सफल ग्रामीण विकास मॉडलों में शामिल हो गया। आज हिवरे बाजार में कोई भी परिवार गरीबी रेखा से नीचे नहीं है। जल संरक्षण के कारण भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, पलायन पूरी तरह रुक गया है और कृषि, दुग्ध उत्पादन तथा अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस मॉडल से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के गांवों को भी आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाया जा सकता है।

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