मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल: आयुष्मान आरोग्य केंद्र बेल्हारी ने मानसिक रूप से पीड़ित व गरीब महिला के इलाज का उठाया बीड़ा

जामगांव आर। दुर्ग जिले में स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। दुर्ग CMHO डॉ. मनोज दानी के निर्देश तथा पाटन BMO डॉ. भुवनेश्वर कठौतिया के मार्गदर्शन में आयुष्मान आरोग्य केंद्र बेल्हारी की टीम ने मानसिक रूप से पीड़ित एवं आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर महिला के इलाज की जिम्मेदारी उठाई। ग्राम गातापार (बेल्हारी) निवासी श्रीमती पेमीन बाई, पति बाबूलाल, उम्र 43 वर्ष, मानसिक विकलांगता से ग्रसित हैं। गरीबी की मार झेल रहे परिवार में वे अकेली कमाने वाली सदस्य थीं, लेकिन गंभीर मानसिक बीमारी के चलते वे कार्य करने में असमर्थ हो गई थीं। इलाज के अभाव में उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। मरीज की दयनीय स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने त्वरित पहल करते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय दुर्ग पहुँचाया, जहाँ मानसिक रोग विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. प्रशांत अग्रवाल द्वारा उनका परीक्षण किया गया। जांच के उपरांत विशेषज्ञ डॉक्टर ने बताया कि यदि मरीज नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करती हैं, तो वे पूर्णतः स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकती हैं।

इस सराहनीय मानवीय कार्य में स्वास्थ्य विभाग के RHO श्री राकेश सार्वा, इंदिरा अहीर, CHO दीप्ती टंडन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लता साहू, मितानिन गया साहू, सेवती साहू एवं रत्ना साहू का विशेष योगदान रहा। मरीज को अस्पताल लाने-ले जाने की व्यवस्था, भोजन तथा आवश्यक दवाइयों का खर्च स्वास्थ्य कर्मियों ने आपसी सहयोग से वहन किया। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल न केवल एक जरूरतमंद महिला के जीवन में आशा की किरण बनी है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएँ आज भी संवेदनशीलता, करुणा और समर्पण के साथ आमजन की सेवा में तत्पर हैं।

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