कोरबा, 13 अप्रैल 2026। कोरबा की सियासत में इन दिनों एक गैर-राजनीतिक आयोजन ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। पूर्व सांसद एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय द्वारा आयोजित ‘बचपन की टिकट’ कार्यक्रम ने पार्टी के भीतर संभावित टिकट दावेदारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
अशोक वाटिका में आयोजित इस कार्यक्रम को भले ही सामाजिक और सांस्कृतिक रूप दिया गया, लेकिन इसकी भव्यता और भागीदारी ने इसे एक बड़े जनसंपर्क अभियान के रूप में स्थापित कर दिया। कार्यक्रम में हजारों महिलाओं और स्कूली छात्राओं की मौजूदगी, पारंपरिक खेलों का आयोजन और उत्साहपूर्ण माहौल ने इसे खास बना दिया।
खास बात यह रही कि आयोजन में प्रदेश सरकार के मंत्री लखनलाल देवांगन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महापौरों और भाजपा संगठन के पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे यह साफ संकेत मिला कि कार्यक्रम सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि सियासी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए यह आयोजन शक्ति प्रदर्शन और जनाधार मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या ‘बचपन की टिकट’ केवल सांस्कृतिक पहल है, या फिर यह आने वाले चुनावों के लिए टिकट की दावेदारी का मंच तैयार करने की रणनीति है।