रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत उस समय गरमा गई जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, तीन गाड़ियों में सवार ईडी अधिकारियों की टीम सुबह-सुबह बघेल के निवास पर पहुंची। टीम में एक दर्जन से अधिक अधिकारी शामिल थे। यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई जब छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र अपने अंतिम दिन में प्रवेश कर चुका है। बावजूद इसके, भूपेश बघेल विधानसभा पहुंचे और बाद में सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
बघेल का तंज – “ऐसा तोहफ़ा किसी लोकतंत्र में नहीं”
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा –जन्मदिन का जैसा तोहफ़ा मोदी और शाह जी देते हैं, वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में और कोई नहीं दे सकता। मेरे जन्मदिन पर मेरे सलाहकार और दो OSD के घरों पर ईडी भेजी थी। और अब मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापामारी कर रही है। इन तोहफ़ों का धन्यवाद… ताउम्र याद रहेगा।
अठावले का पलटवार-
इधर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा –ईडी की कार्रवाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह या भाजपा का कोई हाथ नहीं है।
ईडी अपने नियमों और समय के मुताबिक छापेमारी करती है। अगर कुछ गलत नहीं किया है, तो भूपेश बघेल को सबूत देना चाहिए। 5 साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं, कांग्रेस को भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करना चाहिए।
घोटाले करोगे तो ईडी की रेड तो पड़ेगी ही।
छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमाई
यह छापेमारी केवल एक कानूनी प्रक्रिया बनाम राजनीतिक साजिश की बहस नहीं रह गई है, बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच तीखे टकराव का कारण बन गई है। कांग्रेस जहां इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं भाजपा और उसके सहयोगी दल इसे जांच एजेंसियों का स्वाभाविक कार्य करार दे रहे हैं।