
बादल गरजते ही लें सुरक्षित स्थान की शरण, 108 एम्बुलेंस और समय पर उपचार से बच सकती है जान
रायपुर। वर्षाकाल में आकाशीय बिजली गिरने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने आम नागरिकों के लिए जन-जागरूकता अपील जारी की है। विभाग ने लोगों से मौसम खराब होने पर विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आकाशीय बिजली एक प्राकृतिक आपदा है, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर इससे होने वाली जनहानि और गंभीर दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। विभाग ने सलाह दी है कि बादल गरजने या बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत, पहाड़ी, जलाशय, पेड़ के नीचे या ऊंचे स्थानों पर रुकने से बचें। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी पक्के भवन या बंद चारपहिया वाहन में सुरक्षित आश्रय लें।
विभाग ने यह भी कहा है कि बिजली कड़कने के समय नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों से दूर रहें। साथ ही लोहे की रॉड, कृषि उपकरण, तार और अन्य धातु की वस्तुओं के साथ खुले स्थान पर खड़े न रहें। नागरिकों से मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने की अपील की गई है। यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फंस जाए तो जमीन पर पूरी तरह लेटने के बजाय दोनों पैरों को साथ रखकर झुक जाए, सिर नीचे रखें और अन्य लोगों से उचित दूरी बनाए रखें। इससे बिजली गिरने की स्थिति में जोखिम कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर जाए तो उसे छूना पूरी तरह सुरक्षित होता है। ऐसे व्यक्ति को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाकर 108 एम्बुलेंस सेवा या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और शीघ्र अस्पताल पहुंचाएं। यदि व्यक्ति की सांस या नाड़ी नहीं चल रही हो तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा सीपीआर (CPR) देकर उसकी जान बचाने का प्रयास किया जा सकता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षाकाल में स्वयं सुरक्षित रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
स्वास्थ्य विभाग का संदेश:
“जब गरज सुनाई दे, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं। आपकी सतर्कता ही आपका जीवन बचा सकती है।”