रायपुर। होली से पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में फाग गीत के जरिए नया रंग घुल गया है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने कथित 7 करोड़ रुपए के धान घोटाले को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए एक व्यंग्यात्मक फाग गीत जारी किया है। गीत की पंक्तियां— “दे दे बुलउवा मुसवा को सांय-सांय, मुसवा बिन घोटाला नई होय… 7 करोड़ का धान घोटाला, दे दे बुलउवा विष्णु जी सांय-सांय”— सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस गीत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के कई नेताओं और प्रवक्ताओं ने आवाज दी है। पार्टी ने इसे होली का सांस्कृतिक व्यंग्य बताया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसके गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।
क्या है 7 करोड़ का धान घोटाला?
यह तंज कवर्धा जिले में सामने आए कथित धान घोटाले को लेकर है। जिले में कुल 108 धान खरीदी केंद्र संचालित हैं। इनमें कवर्धा ब्लॉक के बाजार चारभांठा और पंडरिया ब्लॉक के बघर्रा केंद्र में लगभग 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 7 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जिला विपणन अधिकारी (DMO) अभिषेक मिश्रा ने प्रारंभिक बयान में कहा था कि धान की कमी चूहे, दीमक, कीड़े या मौसम की खराबी के कारण हो सकती है। हालांकि बघर्रा केंद्र में जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
DMO निलंबित
मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने DMO अभिषेक मिश्रा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2024-25 के धान संग्रहण कार्य से संबंधित बताई गई है। मार्कफेड प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि धान संग्रहण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में पारदर्शिता अनिवार्य है और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
सियासत गरमाई
धान घोटाले के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है, जबकि सरकार की ओर से कहा गया है कि जांच प्रक्रिया जारी है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। होली के मौके पर जारी यह फाग गीत अब राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है और प्रदेश की सियासत में नया रंग भर रहा है।