भिलाई। स्वच्छता और सतत विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भिलाई में बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित किए जाने की घोषणा की गई है। इस संयंत्र की स्थापना बीपीसीएल (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और गेल (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के सहयोग से की जाएगी।
सांसद विजय बघेल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह संयंत्र जैव अपशिष्ट और कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए लगाया जाएगा, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि संयंत्र के लिए जमीन का चिन्हांकन हो चुका है और जल्द ही कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। बघेल ने इसे भिलाई के विकास की दिशा में एक “महत्वाकांक्षी योजना” बताया और कहा कि सरकार का उद्देश्य बायो-सीएनजी के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देकर पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम करना है। उन्होंने बताया कि बायो-सीएनजी का उपयोग न केवल परिवहन ईंधन के रूप में, बल्कि घरेलू गैस, बिजली उत्पादन और औद्योगिक प्रक्रियाओं में भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। वर्तमान समय में बायो-सीएनजी की बाजार में भारी मांग है, जिससे यह परियोजना आर्थिक दृष्टि से भी फायदेमंद साबित होगी। सांसद विजय ने आगे कहा कि “भिलाई को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लाई जा रही हैं। यह संयंत्र उसी दिशा में एक ठोस पहल है जो शहर की छवि को नई ऊंचाई देगा।”