
पाटन। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पाटन विधायक भूपेश बघेल ने सोमवार को पाटन विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न सेवा सहकारी समितियों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याओं का जायजा लिया। उनके साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू, कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर, रूपेंद्र शुक्ला सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भूपेश बघेल ने सोमनी, पहंडोर, सेलूद, फेंकारी, गाड़ाडीह, कुम्हली, जामगांव आर, बेल्हारी, निपानी और रानितराई स्थित समितियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर डीएपी खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता की जानकारी ली तथा उनकी समस्याएं सुनीं।
युवा चैनल न्यूज़ से चर्चा करते हुए भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी खाद और बीज की कमी बनी हुई है, जिससे किसान परेशान और नाराज हैं। बघेल ने कहा कि उनके शासनकाल में कोरोना जैसी विषम परिस्थितियों के बावजूद किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया था। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में किसान अपनी शिकायतें लेकर उनके निवास तक पहुंच रहे हैं। किसानों की समस्याओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ही उन्होंने समितियों का दौरा कर जमीनी हकीकत समझने का निर्णय लिया।
इस दौरान कपूर साहू,दुर्योधन चंद्राकर, विष्णु चंद्राकर, चतुर सिंह साहू, पवन डहरे, अनिल चंद्राकर, हरप्रसाद साहू, रघुबर सेन, प्यारे लाल भारदीय, किशोर चंद्राकर, मंजुलाल भारती, किशोर चंद्राकर,अमित अग्रवाल, भिनेंद्र साहू, डेविड चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर, द्वारिका साहू, रीखीलाल नारंग, देवन साहू, केदार चंद्राकर, रूपचंद देवांगन, डॉ डागेश साहू, खेलूं साहू, विजय साहू, नरेंद्र साहू,कुंदन सिन्हा,नेमचंद यादव, दुजराम जोशी,इब्राहिम खान, रेवा साहू, भेष आठ,सोहन जोशी,दिनेश साहू जनपद सदस्य,अजय साहू,भेदप्रकाश वर्मा,जवाहर वर्मा,डा ईश्वर शर्मा,भविष्य जैन,जानकी चोपड़िया, पी आर विनायक,राजा ठाकुर,नारद साहू,हेमलाल साहू,सीताराम ठाकुर,विष्णु वर्मा,केदार वर्मा,संतोष पटेल,कृपाल बंजारे,उदयकरण बिजोरा सहित अन्य उपस्थित रहे।
• जीरो शॉर्टेज पर सरकार को घेरा, कहा -किसानों को याद आ रहा कांग्रेस शासन –
धान खरीदी में जीरो शॉर्टेज और धान सुखत के मामलों को लेकर भी भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केवल समिति प्रबंधकों पर कार्रवाई कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। धान का समय पर उठाव और परिवहन नहीं होना प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज प्रदेश का किसान कांग्रेस सरकार के समय की व्यवस्थाओं को याद कर रहा है और वर्तमान व्यवस्था से स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।