रायपुर | 20 अक्टूबर 2025।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस दीपावली अपने बेटे चैतन्य बघेल से नहीं मिल पाए, जो इस समय शराब घोटाले मामले में जेल में बंद हैं। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक ट्वीट कर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। भूपेश बघेल ने लिखा,“दो दशक पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने बाबूजी को जेल भेजा था, लेकिन दीपावली के दिन उनसे मिलने की छूट मिल गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की कृपा से बेटा जेल में है। आज दीपावली है, पर मुझे उससे मिलने की अनुमति नहीं है। बहरहाल, सबको दीपावली की शुभकामनाएं।”
इस ट्वीट के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई। कांग्रेस ने इसे “एक पिता की वेदना” बताते हुए भाजपा सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया।
कांग्रेस का सरकार पर हमला
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चैतन्य बघेल को फर्जी मामलों में फंसाया गया है और दीपावली के दिन भी पिता से मुलाकात की अनुमति न देना अमानवीय व्यवहार है। कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा,“आज हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार पर भूपेश बघेल को अपने बेटे से मिलने से रोका गया।छत्तीसगढ़ की जनता इस तरह की भावना को स्वीकार नहीं करेगी। भाजपा ने बदले की राजनीति की सारी सीमाएं लांघ दी हैं।
चैतन्य बघेल पर आरोप
गौरतलब है कि ईडी ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि राज्य में लगभग ₹2,500 करोड़ के अवैध शराब कारोबार में चैतन्य की भी भूमिका रही है, जिन पर ₹1,000 करोड़ के अवैध लेनदेन में शामिल होने का संदेह है।
हाल ही में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
राजनीतिक और भावनात्मक बहस
दीपावली के दिन इस घटनाक्रम ने न केवल राजनीतिक बहस को जन्म दिया, बल्कि इसे एक पिता की भावनात्मक वेदना के रूप में भी देखा जा रहा है।
जहां कांग्रेस इसे “मानवता पर प्रहार” बता रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और ईडी की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत है।