दुर्ग-भिलाई | 20 अक्टूबर 2025 इस बार छत्तीसगढ़ में धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्कों और मूर्तियों की नहीं, बल्कि चांदी की मछलियों की धूम रही। रायपुर, दुर्ग और भिलाई के सर्राफा बाजारों में इस अनोखे ट्रेंड ने सबको चौंका दिया। पहली बार ऐसा हुआ कि सिर्फ एक दिन में 60 हजार से ज्यादा चांदी की मछलियां बिकीं, और शाम तक दुकानों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया।
‘प्रदीप मिश्रा इफेक्ट’: श्रद्धा से बनी बिक्री
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि प्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा के प्रवचन इसका मुख्य कारण हैं। उन्होंने अपने कथनों में कहा था कि “घर या दुकान के गल्ले में चांदी की मछली रखने से मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा बनी रहती है।”
इस आस्था के चलते हजारों श्रद्धालुओं ने धनतेरस पर चांदी की मछली खरीदने को शुभ मान लिया।
रायपुर में रिकॉर्ड बिक्री
रायपुर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश भंसाली ने बताया कि शहर की लगभग 600 दुकानों से औसतन 50 मछलियां बिकीं, यानी 30 हजार से ज्यादा मछलियां सिर्फ रायपुर में बिकीं। कई दुकानों पर यह संख्या 200-300 तक पहुंच गई। भंसाली ने बताया—“धनतेरस की शाम हमारे पास एक भी मछली नहीं बची थी। करीब 50 ग्राहकों को खाली हाथ लौटाना पड़ा।”
दुर्ग-भिलाई में भी खत्म हुआ स्टॉक
दुर्ग सर्राफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रकाश सांखला ने बताया कि क्षेत्र में करीब 350 ज्वेलर्स हैं और हर दुकान पर 50-100 मछलियां बिकीं। उन्होंने कहा—“हमने पहले से ज्यादा स्टॉक मंगाया था, फिर भी सब बिक गया। इस बार तो सिक्के और मूर्तियों की जगह पूरी तरह मछलियों ने ले ली।”
कथा के बाद बदल गया खरीदारी का ट्रेंड
व्यापारियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से पं. प्रदीप मिश्रा के प्रवचनों में चांदी की मछली को शुभ बताया जा रहा है। 2024 में भी छत्तीसगढ़ में उनके प्रवचन के बाद यही ट्रेंड दिखा था। इस साल कई दुकानदारों ने पहले से ही तैयारी कर ली थी, लेकिन 2025 में मांग उम्मीद से कई गुना बढ़ गई।
छोटे आइटम्स की भी बढ़ी बिक्री
इस धनतेरस पर भारी ज्वेलरी की तुलना में छोटी-छोटी चांदी की वस्तुओं, पूजा से जुड़ी चीजों और हल्की सोने की ज्वेलरी की खरीदारी ज्यादा रही। व्यापारियों के मुताबिक, समग्र रूप से सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड कारोबार हुआ।
क्या कहा पं. प्रदीप मिश्रा ने
पंडित मिश्रा ने कथाओं में बताया कि चांदी की मछली
घर में धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाती है।
गल्ले या पूजा स्थल पर रखने से मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा बनी रहती है।
सुबह इसके दर्शन शुभ माने जाते हैं और व्यापार में प्रगति होती है।
पर्स में छोटी मछली रखने से धन की आवक बढ़ती है।
शादी में वर-कन्या को मछली भेंट करने की परंपरा भी सौभाग्य का प्रतीक मानी गई है।
धनतेरस पर ‘मछली महोत्सव’ जैसा माहौल
धनतेरस की शाम रायपुर-दुर्ग-भिलाई के सर्राफा बाजारों में ‘मछली महोत्सव’ जैसा माहौल रहा। ग्राहक दुकानों पर कतार में खड़े थे और दुकानदारों के पास स्टॉक खत्म। व्यापारियों के मुताबिक, अगर स्टॉक और होता तो बिक्री एक लाख मछलियों का आंकड़ा पार कर जाती।