
रायपुर, 2 जुलाई। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। कांकेर जिले के पश्चिम भानुप्रतापपुर स्थित बांदे परिक्षेत्र में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर संयुक्त अभियान चलाकर दो बाघों की खाल के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के निवासी ब्येश्वर और बाबूराव को रंगे हाथ पकड़ा गया। दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से अनुसूची-1 के संरक्षित वन्यजीव बाघ की दो खालों की अवैध तस्करी कर रहे थे। वन विभाग के अनुसार, गोपनीय सूचना के आधार पर वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी), राज्य उड़नदस्ता दल, एंटी पोचिंग यूनिट (यूएसटीआर) और स्थानीय वन अमले की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
प्राथमिक जांच में वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
वन्यजीव तस्करी पर सरकार की सख्ती
राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण और अवैध शिकार व तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार संयुक्त अभियान चला रही है। वन विभाग का कहना है कि विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।