
PMLA कोर्ट ने 31 जुलाई तक पूछताछ की अनुमति दी, भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से होगी गहन जांच
रायपुर, 25 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 31 जुलाई तक सात दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर कर दी। जानकारी के अनुसार, ईडी ने टामन सिंह सोनवानी को प्रोडक्शन वारंट के जरिए हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान एजेंसी ने भर्ती घोटाले से जुड़े कथित आर्थिक लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग की, जिसे विशेष अदालत ने स्वीकार कर लिया।
7 दिन तक होगी गहन पूछताछ
अब ईडी की टीम अगले सात दिनों तक टामन सिंह सोनवानी से पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, अवैध आर्थिक लाभ, संदिग्ध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से तेज हुई जांच
CGPSC भर्ती घोटाला पिछले कई महीनों से जांच एजेंसियों के रडार पर है। इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) भी इस मामले में कार्रवाई कर चुके हैं। अब ईडी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत पूरे प्रकरण की वित्तीय जांच कर रही है। ईडी की इस कार्रवाई को भर्ती घोटाले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताओं से जुड़े आर्थिक लाभ किन-किन लोगों तक पहुंचे और पूरे नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका रही। जांच के अगले चरण पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।