10वीं के छात्र से अश्लील हरकत के आरोप में डॉक्टर गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई; एडॉप्शन सेंटर की जांच, पंजीयन रद्द करने के निर्देश

10वीं के छात्र से अश्लील हरकत के आरोप में डॉक्टर गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई; एडॉप्शन सेंटर की जांच, पंजीयन रद्द करने के निर्देश

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 10वीं कक्षा के एक छात्र के साथ कथित अश्लील हरकत का मामला सामने आया है। छात्र की शिकायत पर पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने आरोपी डॉक्टर एवं एडॉप्शन सेंटर संचालक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित एडॉप्शन सेंटर की जांच के साथ उसका पंजीयन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार घटना शुक्रवार दोपहर की है। 10वीं का छात्र अपने मित्र का मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए बोरसी स्थित डॉक्टर सुधीर हिसीकर के क्लीनिक पहुंचा था। आरोप है कि जांच के दौरान डॉक्टर ने छात्र के साथ अश्लील हरकत की। छात्र वहां से निकलकर सीधे घर पहुंचा और पूरी घटना अपने परिजनों को बताई।

सूचना मिलते ही परिजन छात्र को लेकर पद्मनाभपुर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया और आरोपी डॉक्टर से पूछताछ के बाद शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि जांच केवल कथित घटना तक सीमित नहीं रहेगी। आरोपी जिस मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर का संचालन करता है, उसकी कार्यप्रणाली की भी विस्तृत जांच की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि केंद्र का संचालन निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं।

मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर राज्य के प्रमुख दत्तक ग्रहण केंद्रों में शामिल है, जहां अनाथ एवं बेसहारा बच्चों की देखभाल की जाती है। प्रशासनिक निगरानी में यहां से बच्चों को गोद देने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। जानकारी के अनुसार इस केंद्र से अब तक 12 से अधिक बच्चों को गोद दिया जा चुका है, जिनमें कुछ बच्चों को विदेशी परिवारों ने भी अपनाया है। कुछ समय पहले महाराष्ट्र की एक महिला न्यायाधीश ने भी इसी केंद्र से दो बच्चों को गोद लिया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम को एडॉप्शन सेंटर भेजकर जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही केंद्र का पंजीयन रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए भी कहा है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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