बिलासपुर, 18 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और अपनी गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की एकलपीठ ने की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने 24 सितंबर को फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे आज सुनाया गया। कोर्ट ने कहा कि ईडी की जांच और गिरफ्तारी कानून के दायरे में की गई है, इसलिए इसमें न्यायालय को हस्तक्षेप करने का कोई उचित आधार नहीं बनता। ईडी की ओर से इस मामले में एडवोकेट सौरभ पांडेय ने पैरवी की।
गौरतलब है कि शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में चैतन्य बघेल पर 16.70 करोड़ रुपए प्राप्त करने और उसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश करने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग इस घोटाले से जुड़ी हुई है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए इस घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय लगातार कर रही है और कई वरिष्ठ अधिकारियों, कारोबारियों एवं नेताओं से पूछताछ हो चुकी है।