बस्तर में नक्सलवाद को बड़ा झटका: कांकेर में 21 और बीजापुर में 51 नक्सलियों का सरेंडर, 18 आधुनिक हथियार किए जमा

रायपुर/कांकेर/बीजापुर। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों और सरकार की पुनर्वास नीति के सामने नक्सल संगठन लगातार कमजोर होता जा रहा है। बुधवार को उत्तर बस्तर कांकेर में 21 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया, जबकि बीजापुर में भी 51 नक्सलियों ने हथियार डालकर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया। दोनों जिलों में आत्मसमर्पण करने वाले कुल 72 नक्सलियों में 22 महिलाएं और 50 पुरुष शामिल हैं।।कांकेर में सरेंडर करने वाले नक्सलियों को मांझियों ने भारतीय संविधान की प्रति भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने समाज में लौटने और शांतिपूर्ण जीवन जीने का संकल्प लिया। सरेंडर कैडरों ने कुल 18 आधुनिक हथियार भी सरकार को सौंपे।
कांकेर: 21 नक्सलियों का सरेंडर, डिवीजन लगभग खाली
‘पूना मार्गम – पुनर्वास के माध्यम से पुनर्जीवन’ पहल के तहत 26 अक्टूबर को इन नक्सलियों ने संगठन छोड़ा था। सरेंडर करने वाले नक्सली केशकाल डिवीजन (नॉर्थ सब जोनल ब्यूरो) की कुएमारी और किसकोडो एरिया कमेटी से जुड़े थे।
इनमें डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश सहित कुल 21 कैडर शामिल हैं—13 महिला और 8 पुरुष। इनमें 4 DVCM, 9 ACM और 8 पार्टी सदस्य हैं।
बीजापुर: 51 नक्सलियों ने हथियार छोड़े, 23 पर था 66 लाख का इना
बीजापुर में सरेंडर करने वालों में 9 महिला और 42 पुरुष शामिल हैं। इनमें 23 नक्सलियों पर कुल 66 लाख रुपए का इनाम घोषित था जिसमें 8 लाख के 5 इनामी: बुधराम पोटाम, मनकी कोवासी, हुंगी सोढ़ी, रविंद्र पुनेम और देवे करटाम,5 लाख के 1,2 लाख के 7,1 लाख के 7 नक्सली,सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत ₹50,000 तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई।
“पुनर्वास नीति कारगर सिद्ध हो रही” – पुलिस
बीजापुर SP डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा—“सरकार की पुनर्वास नीति नक्सलियों को मुख्यधारा की ओर आकर्षित कर रही है। अब नक्सलियों के परिवार स्वयं चाहते हैं कि वे हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन अपनाएं।”
बस्तर IG पी. सुंदरराज ने बताया कि नक्सल संगठन की शीर्ष नेतृत्व संरचना तेजी से घट रही है—“एक समय नक्सलियों के पॉलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी में 45 सदस्य थे। 2025 की शुरुआत में यह संख्या 18 रह गई और अब महज 6-7 नेता दक्षिण बस्तर के जंगलों में छिपे हैं। उनसे भी अपील है कि सरेंडर कर दें, अन्यथा सुरक्षा बल कार्रवाई के लिए तैयार हैं।”
पर्चा जारी होने के बाद बढ़ी सरेंडर की रफ्तार
17 अक्टूबर को माड़ डिवीजन की ओर से जारी पर्चे में 15 अक्टूबर को नक्सलियों द्वारा हथियार डालने की बात कही गई थी। इसके बाद 17 अक्टूबर को CCM रूपेश समेत 210 नक्सलियों ने जगदलपुर में DGP, ADGP और IG के सामने सरेंडर किया था। CM विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने तब संकेत दिया था कि केशकाल क्षेत्र में भी जल्द सरेंडर होंगे—जो अब सामने आ चुके हैं।
10 दिन में 292 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़ बस्तर संभाग में: 231 नक्सली
महाराष्ट्र गढ़चिरौली में: 61 नक्सली
कुल 292 नक्सलियों ने पिछले 15 दिनों में हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में वापसी की है। यह नक्सल उन्मूलन अभियान में सुरक्षा बलों और सरकार के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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