बिलासपुर में वर्चस्व की जंग में खून-खराबा: कांग्रेस नेता पर फायरिंग की साजिश का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार,कांग्रेस से निकाला गया नेता मास्टरमाइंड

बिलासपुर | राजनीतिक वर्चस्व, जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के मेल ने बिलासपुर जिले में एक बार फिर गोलियों की गूंज पैदा कर दी। मस्तूरी जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता नीतेश सिंह पर फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए 24 घंटे के अंदर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि युवा कांग्रेस से निष्कासित नेता विश्वजीत अनंत ने ही दो साल पुराने हमले का बदला लेने के लिए सुपारी दी थी और पूरी वारदात को अंजाम दिलाया।।एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से 2 देसी पिस्टल, 1 कट्टा, 5 मैगजीन, 4 जिंदा कारतूस, 13 खाली खोखे, 10 बुलेट और 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
लाइव वीडियो में दिखी अंधाधुंध फायरिंग
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें बाइक सवार दो हमलावर कार्यालय में घुसकर ताबड़तोड़ गोलीबारी करते दिख रहे हैं। जवाब में नीतेश सिंह द्वारा रिटर्न फायर करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। हमलावरों ने लगभग 14 राउंड फायरिंग की।
फायरिंग के दौरान पूर्व सरपंच चंद्रकांत सिंह के हाथ और राजकुमार सिंह के पैर में दो गोलियां लगीं। दोनों का इलाज अपोलो अस्पताल में जारी है।
◆ 2 साल पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप
पुलिस जांच में सामने आया कि साल 2023 में श्रीकांत वर्मा मार्ग पर हुए विवाद में नीतेश सिंह और उनके साथियों ने विश्वजीत अनंत पर हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसी घटना का बदला लेने के लिए इस हमले की साजिश रची गई। सूत्रों के अनुसार, हमले की प्लानिंग कई दिनों से चल रही थी और इसके लिए शूटरों को पैसे देने का लेन-देन भी हुआ था।
◆ गिरफ्तार आरोपियों के नाम
विश्वजीत अनंत (29) – मास्टरमाइंड
अरमान उर्फ बलमजीत अनंत (29)
चाहत उर्फ विक्रमजीत (19)
मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस (29)
मोहम्मद मतीन उर्फ मोंटू (22)
6-7. दो नाबालिग, विधि से संघर्षरत
राजनीतिक वर्चस्व की जंग
मामला सिर्फ व्यक्तिगत रंजिश का नहीं, बल्कि मस्तूरी में राजनीतिक पकड़ और प्रभाव बढ़ाने की जंग से भी जुड़ा है। 2022 में कांग्रेस नेता संजू त्रिपाठी की सरेआम गोली मारकर हत्या वाली वारदात के बाद यह नई घटना जिला राजनीति में बढ़ते आपराधिक दखल को फिर उजागर करती है।
◆पुलिस की कार्रवाई और आगे की तफ्तीश
फायरिंग के तुरंत बाद पूरे जिले में नाकेबंदी की गई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हमला कराने के पीछे और कौन शामिल था। फोन रिकॉर्डिंग, लेन-देन और हथियार सप्लाई की चैन की भी जांच चल रही है।
एसएसपी बोले – “साजिशकर्ता तक पहुंचना था चुनौती”
“हमलावरों की पहचान करना मुश्किल था क्योंकि उन्होंने मुंह ढक रखा था। CCTV, तकनीकी इनपुट और पूछताछ के आधार पर साजिशकर्ता तक पहुंचे। जल्द चार्जशीट पेश की जाएगी।”
— रजनेश सिंह, एसएसपी बिलासपुर

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