महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ा ब्रेकथ्रू: मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार, भारत लाने की प्रक्रिया तेज

महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ा ब्रेकथ्रू: मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार, भारत लाने की प्रक्रिया तेज

इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर कार्रवाई, ED-CBI ने तेज की प्रत्यर्पण की कवायद
रायपुर/नई दिल्ली, 8 जुलाई। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह कार्रवाई इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि फिलहाल सौरभ चंद्राकर ओमान की हिरासत में है। वहां की अदालत में कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे भारत लाया जा सकता है।
फर्जी पासपोर्ट के जरिए पहुंचा था ओमान
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर कथित रूप से फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट का इस्तेमाल कर ओमान पहुंचा था। इसी मामले में स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में लिया। फिलहाल उसे मस्कट के हाई-सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
रेड नोटिस हटाने की कोशिश रही नाकाम
सौरभ चंद्राकर के खिलाफ पहले से इंटरपोल का रेड नोटिस जारी था। उसने इसे हटाने के लिए इंटरपोल में अपील भी की थी, लेकिन संबंधित समिति ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि मामला राजनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय गतिविधियों से जुड़ा है। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया।
भारत लाने की प्रक्रिया तेज
गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ने औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ओमान में फर्जी पासपोर्ट से जुड़े मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद ही उसे भारत भेजा जा सकेगा। ऐसे में प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है।
हजारों करोड़ के घोटाले की जांच जारी
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले की जांच ED, CBI समेत कई केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। जांच के दौरान यह नेटवर्क अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, हवाला, मनी लॉन्ड्रिंग और बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन से जुड़ा पाया गया है। अब तक इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और 4,336 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच या फ्रीज की जा चुकी हैं। सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को महादेव बेटिंग ऐप घोटाले की जांच में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उसके भारत आने के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले से जुड़े कई नए खुलासे हो सकते हैं।

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