रायपुर, 4 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ ने खनिज क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए वित्तीय वर्ष 2025–26 में 16,625 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। यह निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत है और पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी नीतियों, तकनीकी नवाचार और मजबूत प्रबंधन प्रणाली का इस उपलब्धि में बड़ा योगदान रहा है। यह उपलब्धि राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती और प्रशासनिक दक्षता का संकेत मानी जा रही है।
खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में खनिज राजस्व की औसत वार्षिक वृद्धि दर 6 प्रतिशत रही है, जबकि इस वर्ष 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होना एक बड़ी उपलब्धि है। इससे स्पष्ट है कि सरकार के सुधारात्मक प्रयास और निगरानी तंत्र प्रभावी साबित हुए हैं।
राजस्व वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण सामने आए हैं। इनमें NMDC Limited सहित अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का बेहतर प्रबंधन, खनन गतिविधियों की तकनीकी निगरानी तथा ‘खनिज 2.0’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का सफल क्रियान्वयन शामिल है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए पारदर्शिता बढ़ी है और संचालन में दक्षता आई है।
राज्य सरकार अब खनन क्षेत्र को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आगामी वित्तीय वर्ष में गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। साथ ही खनिज परिवहन की निगरानी के लिए वीटीएस, आई-चेक गेट्स और ड्रोन तकनीक का विस्तार किया जाएगा, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सके। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित करते हुए राजस्व में निरंतर वृद्धि करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी तथा विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।