दुर्ग। जिला पंचायत दुर्ग की सामान्य सभा की बैठक में उस समय तीखा माहौल बन गया, जब जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष कीर्ति नायक ने क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर अधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। उनके तेवरों ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया। बैठक में जल संसाधन, जल जीवन मिशन, उद्योग, सीएसआर निधि और स्वच्छता सर्वेक्षण जैसे अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
💧 जल संसाधनों पर कड़ा सवाल
अध्यक्ष ने वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान नहर, स्टॉप डेम और तालाब निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की वास्तविक स्थिति, खर्च और क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्य केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर नजर आने चाहिए।
🏭 रोजगार के वादों पर जवाब मांगा
जामगांव (एम) स्थित हर्बल एवं आयुर्वेदिक प्रसंस्करण इकाई को लेकर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पूछा कि हजारों युवाओं को रोजगार देने के दावे के बावजूद अब तक कितनों को नौकरी मिली और क्या स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी गई?
💰 CSR फंड पर पारदर्शिता की मांग
सीएसआर निधि के उपयोग पर भी उन्होंने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा कि राशि कहां खर्च हुई और पाटन क्षेत्र को इससे क्या लाभ मिला। उन्होंने पारदर्शी प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
🚮 स्वच्छता सर्वेक्षण पर नाराजगी
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाए कि जनप्रतिनिधियों को प्रक्रिया से जानबूझकर दूर रखा गया, जो उनके अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और सर्वेक्षण टीम पर कार्रवाई की मांग की।
⚠️ अधिकारियों को चेतावनी
कीर्ति नायक ने साफ कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है। उन्होंने सभी विभागों को समयसीमा में जानकारी देने और समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में जिला पंचायत के अध्यक्ष, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।