नक्सल से नवजीवन तक : सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह,कलेक्टर बोले -आत्मनिर्भरता ही असली पुनर्वास

सुकमा/रायपुर, 3 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब बदलाव की एक नई और प्रेरणादायक कहानी लिखी जा रही है। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में सुकमा जिला मुख्यालय स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 32 पुनर्वासित युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित की गई। कार्यक्रम में कलेक्टर अमित कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
🛠️ रोजगार की ओर मजबूत कदम
कलेक्टर ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें स्थायी रोजगार और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि मेसन किट सिर्फ औजार नहीं, बल्कि युवाओं के नए जीवन की मजबूत नींव है।
📈 स्वरोजगार की खुलेंगी राहें
कार्यक्रम में बताया गया कि निर्माण कार्यों में लगातार बढ़ती संभावनाओं के चलते राजमिस्त्री का कार्य युवाओं को स्वरोजगार, ठेकेदारी और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देगा।
🌱 सम्मान के साथ नई शुरुआत
इस पहल से स्पष्ट संदेश गया कि सरकार केवल आत्मसमर्पण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को आत्मसम्मान के साथ समाज में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मेसन किट मिलने से अब ये युवा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे।

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