जामगांव आर। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर भाजपा जामगांव आर मंडल में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रहित में दिए गए बलिदान को याद करते हुए आपातकाल के काले अध्याय पर भी चर्चा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता पूर्व विधायक डॉ. दया राम साहू ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेंगे’ का नारा देकर भारत की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने आपातकाल को लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताया और कहा कि उस दौर में विरोध की आवाज को कुचल दिया गया था, नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर दिया गया था।
मंडल अध्यक्ष कमलेश साहू ने डॉ. मुखर्जी को प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को उनके बलिदान से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में जुटना चाहिए। पूर्व मंडल अध्यक्ष लालेश्वर साहू ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए उस समय की पीड़ा को अविस्मरणीय कहा।
प्रदेश मछुवारा प्रकोष्ठ के सह संयोजक नेतराम निषाद ने कहा कि आज देश की प्रगति में डॉ. मुखर्जी और लोकतंत्र रक्षकों का संघर्ष मील का पत्थर है। पूर्व सरपंच कन्हैयालाल साहू ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमें सदैव सतर्क रहना होगा। कार्यक्रम का संचालन मंडल उपाध्यक्ष अंगेश्वर साहू ने किया और आभार प्रदर्शन नरेश केला ने किया। कार्यक्रम में भगवान सिंह चंद्राकर, रूपसिंह सिन्हा, धनराज साहू, नारद साहू, डोमार मोहबिया, उपासना साहू, अरुण चंद्राकर, गुमान साहू, राधेश्याम चंद्राकर, कमल निर्मलकर, संजू साहू, अभिषेक सेन, श्रीराम साहू, भारत साहू, भोजराम साहू, हर्ष साहू,रामसिंह बंसोड़,भेंन चन्द्राकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए।