रायपुर, 19 अप्रैल 2026। कोरिया जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। रायपुर से पहुंची सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम ने देवखोल और भालूमाड़ा क्षेत्र में छापामार निरीक्षण कर अवैध खनन स्थलों की पहचान की और उन्हें स्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए। जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स, जिसमें खनिज, वन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे, ने संयुक्त रूप से पूरे इलाके का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मौके पर तत्काल कोयला या खनन सामग्री नहीं मिली, लेकिन अधिकारियों ने पुष्टि की कि यहां पूर्व में बड़े पैमाने पर अवैध खनन गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
इससे पहले शनिवार को देवखोल जंगल में चलाए गए सघन अभियान में टीम ने करीब 6 टन से अधिक अवैध कोयला जब्त किया था। साथ ही कई अवैध सुरंगों को ध्वस्त किया गया, जिनका इस्तेमाल लंबे समय से खनन के लिए किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान टीम ने लगभग 150 मीटर लंबी सुरंगों के भीतर प्रवेश कर न सिर्फ कोयला बरामद किया, बल्कि खनन में उपयोग होने वाले उपकरण जैसे फावड़ा, गेती, विद्युत पंप, पाइप और भारी मात्रा में बिजली के तार भी जब्त किए।
जानकारी के मुताबिक रविवार की कार्रवाई में कोरिया के साथ-साथ सूरजपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिलों के खनिज अधिकारी, पुलिस, वन एवं राजस्व विभाग की टीम भी शामिल रही। अधिकारियों ने बताया कि एसईसीएल के समन्वय से इन क्षेत्रों की निगरानी और कड़ी की जाएगी। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए चिन्हित सुरंगों और स्थानों को ब्लास्टिंग कर स्थायी रूप से बंद किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियां दोबारा न हो सकें।
इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन, परिवहन और भंडारण में लगे लोगों में हड़कंप मच गया है। वहीं प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे।