दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र में अब सेना और सुरक्षा बलों के जवानों के लिए बैलिस्टिक बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट का निर्माण किया जाएगा। नंदनी स्थित एटमास्टको लिमिटेड कंपनी रक्षा उपकरणों के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर ढाई सौ से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
राज्यपाल रमेन डेका ने रविवार को इस निर्माण प्रोजेक्ट की विधिवत शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया। राज्यपाल ने कहा कि यह परियोजना न केवल देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार करने में सहायक होगी।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में एटमास्टको डिफेंस सिस्टम्स से जुड़े उपकरणों के निर्माण के लिए इस यूनिट की स्थापना की गई थी। डीआरडीओ से महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) प्राप्त करने के बाद कंपनी अब सशस्त्र बलों और पुलिस के लिए जीवन रक्षक बुलेटप्रूफ जैकेट और बीआईएस मानकों के छह स्तर के बैलिस्टिक हेलमेट का निर्माण कर रही है। इस अवसर पर कमिश्नर सत्यनारायण राठौर, आईजी अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, डीआईजी विजय अग्रवाल सहित कंपनी के डायरेक्टर, ग्रुप सीईओ और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने बताया कि भिलाई में रक्षा उपकरण निर्माण की यह पहल छत्तीसगढ़ को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल सुरक्षा बलों को उच्च गुणवत्ता के स्वदेशी सुरक्षा उपकरण मिलेंगे, बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।