भिलाई। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच भिलाई पुलिस व एंटी साइबर क्राइम यूनिट (ACCU) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी कॉल सेंटर से ठगी करने वाले दो आरोपियों को उत्तरप्रदेश के फतेहपुर से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी खुद को CBI और क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर महिलाओं को डराते और “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर लाखों की ठगी करते थे।
भिलाई की सेक्टर-07 निवासी महिला श्रीमती शोभा झा इस गिरोह का शिकार बनीं। 1 जुलाई को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को CBI व क्राइम ब्रांच कोलावा (मुंबई) का अधिकारी बताया और मनी लॉन्ड्रिंग व IPC की धाराओं 198, 223, 420 के तहत कार्रवाई की धमकी दी।
डर के मारे पीड़िता ने खुद को घर में ही डिजिटल गिरफ्त में मान लिया और आरोपियों के कहे अनुसार अपनी जमा पूंजी व गहने गिरवी रखकर ₹12,50,000/- बताए गए खातों में RTGS के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों ने झांसा दिया कि जांच पूरी होने पर पैसा लौटा दिया जाएगा।
फर्जी कॉल सेंटर से होता था पूरा ऑपरेशन
तकनीकी विश्लेषण के दौरान पता चला कि फतेहपुर (उ.प्र.) में एक किराए के मकान में कॉल कन्वर्टर मशीनों व सॉफ्टवेयर के जरिये एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। इसमें 90-100 सिम कार्ड एक साथ उपयोग किए जाते थे, जिससे पहचान छुपाकर फर्जी कॉल्स की जाती थीं।
जप्त सामान और गिरफ्तार आरोपी
पुलिस टीम ने मौके से 03 कॉल कन्वर्टर मशीन, 01 लैपटॉप, 105 सिम कार्ड, 05 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- शहबाज़ उर्फ मोहम्मद फैजल अहमद – मवाना, मेरठ (उ.प्र.)
- अनस खान – सिविल लाइन, फतेहपुर (उ.प्र.)
टीम की सतर्कता से खुला राज
इस कार्रवाई को सफल बनाने में भिलाई नगर थाना व ACCU की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही। प्रमुख रूप से उप निरीक्षक सुरेन्द्र तारम, प्रधान आरक्षक मेघराज चेलक, आरक्षक जावेद हुसैन, जुगनू सिंह तथा पोषण चंद्राकर ने तत्परता दिखाई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की अपील:
कोई भी अज्ञात कॉल आने पर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। किसी भी प्रकार की धमकी या संदेहास्पद कॉल की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल से संपर्क करें। सावधानी ही सुरक्षा है।