भिलाई रेलवे के पीपी यार्ड में सीबीआई की दबिश, सीनियर डीएमई कार्यालय में छापा

भिलाई रेलवे के पीपी यार्ड में सीबीआई की दबिश, सीनियर डीएमई कार्यालय में छापा

दुर्ग-भिलाई। भिलाई के चरोदा स्थित रेलवे के पीपी यार्ड में गुरुवार शाम केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने बड़ी कार्रवाई की। रेलवे ठेकेदार से रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद सीबीआई की टीम ने सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर (सीनियर डीएमई) अनमोल उइके के कार्यालय में छापा मारा। देर शाम शुरू हुई यह कार्रवाई शुक्रवार दोपहर तक जारी रही। सूत्रों के अनुसार सीबीआई को शिकायत मिली थी कि नए रेलवे ठेके देने और पहले से किए गए कार्यों के बकाया बिल पास कराने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद सीबीआई ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

केमिकल लगे नोटों के साथ भेजा गया ठेकेदार

बताया जा रहा है कि पीपी यार्ड में रेलवे के ठेके पर काम करने वाले दीपक वर्मा ने सीबीआई से शिकायत की थी। आरोप था कि सीनियर डीएमई अनमोल उइके ने नया ठेका देने और पुराने बिलों का भुगतान कराने के लिए रिश्वत मांगी थी। गुरुवार शाम करीब पांच बजे सीबीआई की टीम पीपी यार्ड पहुंची। टीम में दिल्ली, रायपुर और दुर्ग इकाई के लगभग 10 अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने शिकायतकर्ता ठेकेदार को केमिकल लगे नोटों से भरा लिफाफा देकर संबंधित अधिकारी के पास भेजा। जैसे ही लिफाफा स्वीकार किया गया, सीबीआई टीम ने कार्यालय में दबिश दी।

सूत्रों के अनुसार इसके बाद अधिकारी के हाथ धुलवाए गए, जिसमें केमिकल का रंग दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। हालांकि सीबीआई ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

फाइलें, बिल और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले

कार्रवाई के दौरान सीबीआई ने सीनियर डीएमई कार्यालय को अपने नियंत्रण में लेकर टेंडर से जुड़ी फाइलें, पुराने कार्यों के रिकॉर्ड, भुगतान से संबंधित बिल, रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच की। इसके अलावा कार्यालय में मौजूद कुछ अधिकारियों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जाने की जानकारी मिली है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अधिकारियों ने अनमोल उइके से लंबी पूछताछ भी की। देर रात तक दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की जांच चलती रही।

पीपी यार्ड में होता है वैगनों का तकनीकी परीक्षण

चरोदा स्थित पीपी यार्ड भिलाई स्टील प्लांट के लिए महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र माना जाता है। यहां आयरन ओर और कोक लेकर आने वाली मालगाड़ियों के रैक की अनलोडिंग के बाद वैगनों की तकनीकी जांच की जाती है। एनएसपीसीएल के लिए आने वाले कोक रैक की भी यहां जांच और आवश्यकता पड़ने पर मरम्मत की जाती है। रेलवे सूत्रों के अनुसार यार्ड में होने वाले मरम्मत और रखरखाव के कार्य अलग-अलग ठेकों के माध्यम से कराए जाते हैं। इसी ठेका प्रक्रिया और पुराने बिलों के भुगतान को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी।

रेलवे महकमे में मचा हड़कंप

पीपी यार्ड में सीबीआई की कार्रवाई की खबर फैलते ही रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। विशेष रूप से ठेका प्रक्रिया, भुगतान और बिल पास करने से जुड़े विभागों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितनी राशि बरामद हुई, कौन-कौन से दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं तथा आगे किन अधिकारियों या कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है। मामले में सीबीआई की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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