महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में CBI का बड़ा प्रहार: 6 नई चार्जशीट, 72 आरोपियों पर शिकंजा-सौरभ चंद्राकर-रवि उप्पल समेत नेटवर्क पर कार्रवाई तेज

महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में CBI का बड़ा प्रहार: 6 नई चार्जशीट, 72 आरोपियों पर शिकंजा-सौरभ चंद्राकर-रवि उप्पल समेत नेटवर्क पर कार्रवाई तेज

इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस और भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू
YC न्यूज़ डेस्क। देश के चर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह नई चार्जशीट दाखिल की हैं। इन चार्जशीट में आशीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धमानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा को आरोपी बनाया गया है। सभी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के साथ भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। CBI ने अदालत में महादेव ऐप के मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों में भी अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। इसके अलावा 66 अन्य आरोपियों के खिलाफ पांच पूरक चार्जशीट दायर कर जांच का दायरा और व्यापक कर दिया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से एक बन चुका था। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाखों लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया और देशभर में बेटिंग पैनल संचालित किए गए।
मनी लॉन्ड्रिंग के लिए फर्जी खातों का इस्तेमाल
CBI की जांच में सामने आया है कि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित रकम को बड़ी संख्या में ‘म्यूल बैंक खातों’ के जरिए देश और विदेश में ट्रांसफर किया गया। एजेंसी का आरोप है कि इस धन का उपयोग संरक्षण राशि और कथित रिश्वत देने के लिए भी किया गया।
विदेश से संचालित हो रहा था नेटवर्क
जांच के मुताबिक, महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके कई सहयोगी भारत छोड़कर पश्चिम एशिया में रह रहे हैं और वहीं से पूरे सिंडिकेट का संचालन कर रहे हैं।
रेड कॉर्नर नोटिस और संपत्ति जब्ती की तैयारी
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल के माध्यम से चार प्रमुख आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत में उनकी संपत्तियां जब्त करने का रास्ता साफ होगा।
जांच अभी जारी
CBI का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, कथित संरक्षण देने वालों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की जांच की जा रही है। नए साक्ष्य मिलने पर आगे भी पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएंगी।

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