छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को रफ्तार: ₹105 करोड़ से बनेगा सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, गांवों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने 3928 करोड़ रुपए मंजूर

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को रफ्तार: ₹105 करोड़ से बनेगा सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, गांवों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने 3928 करोड़ रुपए मंजूर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को डिजिटल नवाचार और तकनीकी उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में ₹105.3 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित किया जाएगा, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि जैसे उभरते क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस परियोजना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह जानकारी गुरुवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद और CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल ने दी।

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट

सचिव अंकित आनंद ने बताया कि राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जनवरी 2024 से अब तक 1,273 मोबाइल टावर चालू किए जा चुके हैं। वहीं भारतनेट फेज-3 के तहत ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने ₹3,928 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना के तहत गांवों के स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी कार्यालय और पंचायत भवन तेज इंटरनेट नेटवर्क से जुड़ेंगे। साथ ही फाइबर-टू-द-होम (FTTH) के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को भी ब्रॉडबैंड सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और ग्रामीण उद्यमिता को नई गति मिलेगी।

स्टार्टअप और युवाओं के लिए नई पहल

राज्य सरकार ने डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सीएम आईटी फेलोशिप कार्यक्रम भी शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश के 50 युवाओं को ट्रिपलआईटी नवा रायपुर के सहयोग से उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों में व्यावहारिक कार्यानुभव भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ एआई मिशन के अंतर्गत एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई डेटा लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान, नवाचार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ा राजस्व और सुशासन

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि राज्य सरकार के डिजिटल प्लेटफॉर्म सुशासन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं वन क्लिक–सिंगल विंडो 2.0 पोर्टल पर 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण किया जा चुका है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को सेवाएं सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो रही हैं।

‘सेवा सेतु’ बना सबसे बड़ा नागरिक सेवा मंच

राज्य का एकीकृत नागरिक सेवा पोर्टल ‘सेवा सेतु’ अब 35 विभागों की 564 ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में इस प्लेटफॉर्म पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से ज्यादा आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है।

डिजिटल विकास की नई दिशा

राज्य सरकार का मानना है कि सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, भारतनेट फेज-3 और एआई आधारित पहलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ में डिजिटल अवसंरचना मजबूत होगी, स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों तक तकनीक आधारित सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी। ये परियोजनाएं राज्य को डिजिटल नवाचार, रोजगार सृजन और समावेशी विकास के नए दौर की ओर अग्रसर करेंगी।

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