CG मे बैकडोर एंट्री पर लगेगी रोक: पटवारी-बाबू से लेकर प्यून और ड्राइवर तक की भर्ती परीक्षा से होगी, कर्मचारी चयन मंडल संभालेगा जिम्मेदारी

CG मे बैकडोर एंट्री पर लगेगी रोक: पटवारी-बाबू से लेकर प्यून और ड्राइवर तक की भर्ती परीक्षा से होगी, कर्मचारी चयन मंडल संभालेगा जिम्मेदारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के सरकारी पदों पर भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब विभागीय स्तर पर होने वाली सीधी भर्तियों को सीमित कर इन पदों को छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से परीक्षा के जरिए भरने पर जोर दिया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पटवारी, राजस्व निरीक्षक और सहायक ग्रेड-3 से लेकर ड्राइवर, प्यून, चौकीदार और माली तक के पदों पर भर्ती प्रतियोगी परीक्षा के जरिए होगी। कई विभाग अपने भर्ती नियमों में संशोधन कर चुके हैं, जबकि अन्य विभागों में नियम बदलने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए विभागवार अलग-अलग चयन प्रक्रिया के बजाय केंद्रीकृत परीक्षा व्यवस्था लागू होगी।

इन विभागों की भर्तियां भी परीक्षा के दायरे में

नई व्यवस्था में सामान्य प्रशासन, गृह एवं पुलिस, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जेल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जल संसाधन, आदिम जाति विकास, समाज कल्याण, संस्कृति, कृषि, उद्यानिकी, खनिज, खेल एवं युवा कल्याण, महिला एवं बाल विकास, श्रम, सहकारिता और राजस्व विभाग सहित कई विभाग शामिल हैं। इसके अलावा ऊर्जा, मत्स्य, मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग के साथ निगमों और सहकारी संस्थाओं के पदों को भी परीक्षा आधारित भर्ती व्यवस्था में शामिल किया जा रहा है। कई अन्य विभाग भी अपने भर्ती नियमों में संशोधन की तैयारी में हैं।

सात समूहों में बांटे गए सरकारी पद

कर्मचारी चयन मंडल ने विभिन्न पदों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और कार्य की प्रकृति के आधार पर सात समूहों में वर्गीकृत किया है। इनमें अभियांत्रिकी सेवा, स्नातक-पोस्ट ग्रेजुएट स्तर के तकनीकी एवं प्रशासनिक पद, कार्यालयीन एवं आशुलिपिक पद, शैक्षणिक सेवा, वर्दीधारी सेवा, विज्ञान एवं स्वास्थ्य सेवा तथा हाईस्कूल/तकनीकी स्तर के पद शामिल हैं। हाल ही में कर्मचारी चयन मंडल ने 2027 में होने वाली परीक्षाओं का कैलेंडर भी जारी किया है, जिसमें विभिन्न विभागों की प्रस्तावित परीक्षाओं का उल्लेख है।

पटवारी से सहायक प्रोग्रामर तक परीक्षा

स्नातक स्तर के समूह में सहायक प्रबंधक, श्रम निरीक्षक, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, अमीन, कनिष्ठ रोजगार अधिकारी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जैसे पद शामिल हैं। वहीं कार्यालयीन श्रेणी में सहायक ग्रेड-3, स्टेनो टाइपिस्ट, डेटा एंट्री ऑपरेटर और पंजीयन लिपिक जैसे पदों की भर्ती भी परीक्षा के माध्यम से किए जाने की व्यवस्था होगी।

स्टाफ नर्स से लैब टेक्नीशियन तक चयन परीक्षा

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पदों को भी परीक्षा आधारित व्यवस्था में शामिल किया गया है। इनमें स्टाफ नर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य तकनीकी पद शामिल हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में भी अलग-अलग स्तर पर होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं के बजाय निर्धारित परीक्षा प्रणाली के जरिए चयन का रास्ता तैयार होगा।

प्यून, ड्राइवर और चौकीदार की भर्ती भी परीक्षा से

सबसे निचले शैक्षणिक स्तर वाले सातवें समूह में वाहन चालक के साथ भृत्य, चौकीदार, स्वीपर, माली, हमाल, वार्ड बॉय, आया, केयरटेकर, रसोइया, जांच अनुचर, मत्स्य जमादार और वाटरमेन जैसे पद शामिल किए गए हैं। यानी सरकारी दफ्तर में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति भी निर्धारित चयन प्रक्रिया और परीक्षा व्यवस्था के दायरे में आएगी।

विभागीय भर्ती में पारदर्शिता पर उठते रहे सवाल

छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर विभागीय स्तर पर होने वाली सीधी भर्ती को लेकर समय-समय पर पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं। कुछ मामलों में बिना प्रतियोगी परीक्षा या सीमित चयन प्रक्रिया के जरिए नियुक्तियों को लेकर आरोप सामने आते रहे हैं। नई केंद्रीकृत व्यवस्था का उद्देश्य विभागवार भर्ती प्रक्रियाओं को कम कर एक समान और परीक्षा आधारित चयन प्रणाली को बढ़ावा देना है। इससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक केंद्रीकृत और निर्धारित नियमों के तहत संचालित करने की दिशा में बदलाव होगा।

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