रायपुर । छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे में एक और मजदूर की मौत हो गई है। इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले मजदूर के बाद अब मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। मृतक की पहचान मध्यप्रदेश निवासी किस्मत अली के रूप में बताई जा रही है, जिसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गौरतलब है कि 14 अप्रैल को प्लांट में हुए विस्फोट में मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 36 से अधिक मजदूर झुलस गए थे। हादसे के 36 घंटे के भीतर मृतकों का आंकड़ा 20 तक पहुंच गया था और अब एक और मौत ने इस त्रासदी को और गंभीर बना दिया है।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हादसे में FIR दर्ज होने की जानकारी तो सामने आई है, लेकिन पत्रकारों को उसकी कॉपी नहीं दी जा रही।
बघेल ने सवाल किया—“यह ‘ऊपर’ कौन है, जहां से FIR देने से मना किया जा रहा है? रायपुर में किससे बात करनी है? क्या 20 मौतों से ज़्यादा ‘सेंसिटिव’ यह FIR है?”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि क्या FIR को छिपाकर किसी तरह की डील की जा रही है और मुख्यमंत्री से मांग की कि FIR को सार्वजनिक किया जाए।
इधर, सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि FIR की पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल अब सियासी तूल पकड़ते जा रहे हैं।