
रायपुर, 11 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में टिकरापारा पुलिस ने संजय नगर इलाके से दो संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार दोनों लंबे समय से रायपुर में रहकर एक कबाड़ी और दूसरा ऑटो मैकेनिक के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक दोनों संदिग्ध 20 साल से अधिक समय से रायपुर में रह रहे थे। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की जानकारी सामने आई। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने स्वयं को बांग्लादेशी नागरिक बताया है।
फर्जी दस्तावेजों से आवाजाही का संदेह
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और पासपोर्ट के जरिए भारत-बांग्लादेश के बीच आवाजाही किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन दस्तावेजों के निर्माण और इस्तेमाल से जुड़े संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों के दस्तावेजों और नागरिकता से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया गया। इसके बाद आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत दोनों को हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया।
विदेशी नागरिकों के सत्यापन का अभियान जारी
पुलिस के अनुसार राजधानी में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके दस्तावेजों के सत्यापन का अभियान जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक रायपुर में अब तक 12 बांग्लादेशी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा चुका है। संजय नगर से हुई ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि दोनों ने भारत में किस प्रकार प्रवेश किया और इतने लंबे समय तक यहां रहने के दौरान उनके दस्तावेज किस तरह तैयार हुए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दस्तावेजों से जुड़े संभावित नेटवर्क के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।