रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले के मामले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की न्यायिक हिरासत को विशेष कोर्ट ने 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। 18 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए चैतन्य बघेल को आज पेशी के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने अदालत में ईडी की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि “बिना उचित सुनवाई और धारा 50 के प्रावधानों का पालन किए बिना ईडी ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर और असत्य दस्तावेजों के आधार पर गिरफ्तारी की है।”
ईडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चैतन्य बघेल ने 16 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध कमाई कर उसे अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश किया है। ईडी का आरोप है कि इस धनराशि का उपयोग नकद भुगतान, फर्जी बैंक एंट्री और फ्लैट खरीदी जैसे माध्यमों से किया गया।
2019–2022 के बीच हुआ 2000 करोड़ का शराब घोटाला
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह खुलासा हुआ है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच प्रदेश में लगभग 2000 करोड़ रुपये का शराब घोटाला हुआ, जिसमें सरकारी संरक्षण और बड़े नेताओं की संलिप्तता बताई गई है। इस मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन, चक्काजाम और नारेबाजी
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने राज्यभर में आर्थिक नाकेबंदी और विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन हो रहा है, वहीं दुर्ग–भिलाई में पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू और अरुण वोरा के नेतृत्व में सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ता उतर आए। धमतरी, बस्तर, बिलासपुर और सरगुजा में भी सड़कों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने ‘जल-जंगल-जमीन बचाओ’, ‘अडानी भगाओ’, और ‘ईडी वापस जाओ’ जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार की बदले की राजनीति का हिस्सा है।