नीट पेपर लीक के बाद छत्तीसगढ़ सरकार सतर्क, पहली से 12वीं तक तिमाही-छमाही परीक्षाओं की एक समान समय-सारिणी जारी

नीट पेपर लीक के बाद छत्तीसगढ़ सरकार सतर्क, पहली से 12वीं तक तिमाही-छमाही परीक्षाओं की एक समान समय-सारिणी जारी

रायपुर। देशभर में नीट पेपर लीक और परीक्षा की गोपनीयता को लेकर उठे सवालों के बाद छत्तीसगढ़ का स्कूल शिक्षा विभाग अब किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहता। इसी कड़ी में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के सभी सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में कक्षा पहली से बारहवीं तक की तिमाही और छमाही परीक्षाओं की एक समान समय-सारिणी जारी कर दी है। डीपीआई ने प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, नकल पर रोक और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जिले में जिला परीक्षा समिति गठित करने के निर्देश भी जारी किए हैं। अब पूरे प्रदेश में एक ही दिन, एक ही पैटर्न और एक समान समय-सारिणी के अनुसार परीक्षाएं आयोजित होंगी तथा उनकी निगरानी जिला स्तर पर की जाएगी।

सितंबर और दिसंबर में होंगी परीक्षाएं

डीपीआई के आदेश के अनुसार तिमाही परीक्षाएं 21 से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित होंगी, जबकि छमाही परीक्षाएं 1 से 11 दिसंबर 2026 तक संचालित की जाएंगी। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन और शैक्षणिक गुणवत्ता में प्रदेशभर में एकरूपता लाना है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला परीक्षा समिति करेगी निगरानी

डीपीआई ने प्रत्येक जिले में जिला परीक्षा समिति गठित की है। इसके अध्यक्ष जिला शिक्षा अधिकारी होंगे, जबकि सहायक संचालक (प्रशासन) सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे। समिति में दो वरिष्ठ प्राचार्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, संकुल समन्वयक तथा प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के प्रधान पाठकों को भी शामिल किया गया है। समिति को प्रश्नपत्र निर्माण, गोपनीय छपाई, परीक्षा संचालन, नकल रोकने और मूल्यांकन की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विषय विशेषज्ञ तैयार करेंगे प्रश्नपत्र

जिला परीक्षा समिति जिले के अनुभवी और विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का पैनल तैयार करेगी। यही पैनल पाठ्यक्रम के आधार पर प्रश्नपत्र तैयार करेगा और उनकी गुणवत्ता का परीक्षण करेगा। विभाग ने प्रश्नपत्रों की गोपनीय छपाई और सुरक्षित बंडलिंग को अनिवार्य किया है। प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से दो दिन पहले संकुल और विकासखंड स्तर पर सुरक्षित तरीके से भेजे जाएंगे।

नकल रोकने के लिए औचक निरीक्षण

डीपीआई ने नकल पर रोक लगाने के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर औचक एवं सघन निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए विशेष निगरानी दल सक्रिय रहेंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तरपुस्तिकाओं का समयबद्ध और निष्पक्ष मूल्यांकन कराया जाएगा तथा विद्यार्थियों के अंकों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखा जाएगा।

परीक्षा का समय

  • कक्षा 1 से 5: सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक
  • कक्षा 6 से 8: सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक
  • कक्षा 9 से 12: दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक

प्रमुख परीक्षा कार्यक्रम

समय-सारिणी के अनुसार 21 सितंबर और 1 दिसंबर को हिंदी, गणित और अंग्रेजी के प्रमुख विषयों की परीक्षाएं होंगी। 23 सितंबर और 3 दिसंबर को विज्ञान, गणित, भौतिक शास्त्र, भूगोल, व्यवसाय अध्ययन, जीवविज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे विषय शामिल किए गए हैं। 24 सितंबर और 4 दिसंबर को विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, रसायनशास्त्र, लेखाशास्त्र और राजनीति विज्ञान की परीक्षाएं होंगी। 26 सितंबर और 7 दिसंबर को संस्कृत, विज्ञान, गणित तथा अन्य वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 28 सितंबर और 8 दिसंबर को व्यावसायिक विषय, इतिहास, कृषि विज्ञान, ड्राइंग एवं पेंटिंग तथा आहार एवं पोषण की परीक्षाएं होंगी। 30 सितंबर और 11 दिसंबर को कक्षा 11-12 के व्यावसायिक विषयों की परीक्षा के साथ परीक्षा सत्र समाप्त होगा।

पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से पूरे प्रदेश में परीक्षा संचालन की पारदर्शिता, गोपनीयता और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। एक समान प्रश्नपत्र और समय-सारिणी लागू होने से विद्यार्थियों के मूल्यांकन में भी समानता आएगी और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा।

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