मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का जिक्र प्रदेश के लिए गौरव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का जिक्र प्रदेश के लिए गौरव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय


फाफाडीह में युवाओं संग सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी, कोरबा के जल संरक्षण मॉडल की पीएम मोदी ने की सराहना; ‘हर घर तिरंगा’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सहभागिता की अपील
रायपुर, 27जुलाई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी सुनी। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लगातार ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और नवाचारों का उल्लेख किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के प्रेरणादायी व्यक्तित्वों, सामाजिक नवाचारों और जनभागीदारी से जुड़े प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रभावी मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पहले भी मल्हार की पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख कर राज्य को राष्ट्रीय पहचान दिला चुके हैं।

इस बार प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरबा में भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट और रिचार्ज वेल जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण का प्रभावी मॉडल विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया। उन्होंने भी कारगिल युद्ध के वीर जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

उन्होंने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। साथ ही ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश देते हुए छत्तीसगढ़ के कोसा, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और जनजातीय हस्तशिल्प को अपनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने गणेशोत्सव के दौरान मिट्टी से बनी पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाओं के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि इससे स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलेगा तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से भी बचाया जा सकेगा। उन्होंने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में भी प्रदेशवासियों से सक्रिय सहभागिता की अपील की। युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विज्ञान, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की सफलता की सराहना की है। राज्य सरकार भी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।

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