रायपुर। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश में पहली बार वक्फ संपत्तियों का किराया ऑनलाइन वसूलने की व्यवस्था शुरू की है। इस नई पहल के तहत अब छत्तीसगढ़ की मस्जिदों और मदरसों के लिए अलग-अलग बैंक अकाउंट खोले जाएंगे, जिनमें किराए की राशि सीधे जमा होगी। वक्फ बोर्ड के इस क्रांतिकारी कदम से पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने इस व्यवस्था को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन आसान होगा और आय का सही उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से वक्फ संपत्तियों की आय के प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी और बिचौलियों के हस्तक्षेप के कारण जरूरतमंदों तक पूरी मदद नहीं पहुंच पा रही थी। लेकिन इस ऑनलाइन रेंट सिस्टम के लागू होने से किराए की पूरी राशि सीधे संबंधित खातों में जाएगी, जिससे धन का दुरुपयोग नहीं हो पाएगा।
उन्होंने बताया कि इस धन का उपयोग मुस्लिम समुदाय के गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास जैसे कार्यों में किया जाएगा। बोर्ड का यह प्रयास पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल अन्य राज्यों के वक्फ बोर्डों को भी डिजिटल व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।