
रायपुर। नई दिल्ली के इंदिरा भवन में 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। पेपर लीक, बेरोजगारी, कृषि और ऊर्जा सुरक्षा, E20 पेट्रोल, चीन सीमा तथा महिला आरक्षण जैसे विषय बैठक के प्रमुख मुद्दे रहे। इन मुद्दों का सीधा असर छत्तीसगढ़ के युवाओं, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ता है।
पेपर लीक और बेरोजगारी पर युवाओं की चिंता
CWC की बैठक में कांग्रेस ने देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और बेरोजगारी को गंभीर मुद्दा बताया। पार्टी का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का सबसे अधिक नुकसान उन युवाओं को उठाना पड़ता है, जो वर्षों तक सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं। छत्तीसगढ़ में PSC, व्यापमं और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद तथा युवाओं के आंदोलनों का मुद्दा भी समय-समय पर सामने आता रहा है। ऐसे में कांग्रेस की ओर से उठाया गया यह सवाल राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों से सीधे जुड़ता है। बैठक में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते निजीकरण और केंद्रीकरण पर सवाल उठाते हुए युवाओं के लिए पारदर्शी और रोजगारपरक व्यवस्था की मांग की।
E20 पेट्रोल पर केंद्र सरकार को घेरा
कांग्रेस कार्यसमिति में E20 पेट्रोल को लेकर भी चिंता जताई गई। पार्टी ने दावा किया कि अधिक मात्रा में इथेनॉल मिश्रण से कुछ वाहनों के माइलेज और पुराने वाहनों की अनुकूलता पर असर पड़ सकता है। कांग्रेस ने उपभोक्ताओं के सामने उपलब्ध विकल्पों को लेकर भी सवाल उठाए।
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था कृषि और परिवहन पर काफी निर्भर है। किसानों के ट्रैक्टर, कृषि मशीनरी और ग्रामीण परिवहन में ईंधन की लागत सीधे उत्पादन और आय को प्रभावित करती है। कांग्रेस ने गन्ने और मक्के जैसी फसलों के ईंधन उत्पादन में बढ़ते इस्तेमाल से खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण पर संभावित प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए।
कृषि और ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की नीतियों पर सवाल
CWC में कृषि और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय दबावों के बीच कृषि नीति बनाते समय किसानों के हितों और देश की खाद्य सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में फसलों की मांग, लागत, बाजार और किसानों की आय से जुड़े फैसलों का व्यापक असर पड़ता है। पार्टी ने कृषि नीति में किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग दोहराई।
महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस की मांग
बैठक में कांग्रेस ने 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की मांग भी दोहराई। पार्टी ने लोकसभा सीटों के मौजूदा राज्योंवार आवंटन पर संवैधानिक रोक को अगले 25 वर्षों तक जारी रखने की मांग रखी। छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने का मुद्दा लगातार महत्वपूर्ण रहा है। कांग्रेस की यह मांग राज्य की विधानसभा और लोकसभा राजनीति में महिलाओं की भागीदारी से भी जुड़ती है।
छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय मंच
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में उठाए गए मुद्दे भले ही राष्ट्रीय स्तर के रहे, लेकिन उनका असर छत्तीसगढ़ की जमीन पर भी दिखाई देता है। बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं से राज्य के युवा जुड़े हैं, जबकि E20, कृषि नीति और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषय किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं। ऐसे में CWC की बैठक में इन मुद्दों की चर्चा को कांग्रेस के लिए छत्तीसगढ़ के युवाओं और किसानों से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक मंच पर उठाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।