
रायपुर, 13 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के धान को केवल चावल तक सीमित रखने के बजाय उससे जुड़े वैल्यू एडेड उत्पादों और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में पहल शुरू हुई है। इसी सिलसिले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात कर भाटापारा के पोहा उद्योग को आधुनिक Rice-Based Food Processing Hub के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में उत्पादित धान से पोहा, मुरमुरा, राइस-बेस्ड स्नैक्स सहित विभिन्न रेडी-टू-ईट उत्पाद तैयार करना है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को देश के बड़े बाजारों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
केंद्रीय मंत्री ने मांगी विस्तृत परियोजना
मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए विस्तृत परियोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। परियोजना में भाटापारा में पहले से मौजूद पोहा उद्योग को आधुनिक फूड प्रोसेसिंग सुविधाओं से जोड़ने का खाका तैयार किया जाएगा।
किसानों और युवाओं को मिलेगा लाभ
फूड प्रोसेसिंग हब विकसित होने से किसानों को अपनी उपज के लिए नए बाजार मिलने की उम्मीद है। वहीं प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और मार्केटिंग जैसी गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के धान का अधिकतम वैल्यू एडिशन राज्य के भीतर ही करना है। भाटापारा को राइस-बेस्ड फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित करने से क्षेत्र के पारंपरिक पोहा उद्योग को आधुनिक तकनीक, पैकेजिंग और ब्रांडिंग से जोड़कर बड़े बाजार तक पहुंचाने का रास्ता खुल सकता है।