YC न्यूज डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान पर सुप्रीम कोर्ट ने संतोष जताया है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने 93% वोटिंग को लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपिन पंचोली भी शामिल थे। CJI ने कहा कि एक नागरिक के रूप में उच्च मतदान प्रतिशत देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि जब अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होती है। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि इस बार चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहे और बड़े पैमाने पर हिंसा की कोई घटना सामने नहीं आई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं पर राहत देने से इनकार कर दिया, जिनमें विशेष गहन संशोधन (SIR) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, वे इस चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे, लेकिन उन्हें अपील का अधिकार दिया गया है।
बेंच ने ऐसे मामलों के समाधान के लिए 19 अपीलीय ट्रिब्यूनलों से संपर्क करने का निर्देश दिया और कहा कि अर्जेंट मामलों में प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि कई चुनाव ड्यूटी अधिकारियों समेत हजारों लोगों के नाम बिना कारण सूची से हटाए गए हैं, जिससे वे मतदान से वंचित हो गए। कोर्ट ने 24 अप्रैल को करीब 65 चुनाव ड्यूटी अधिकारियों सहित विभिन्न याचिकाकर्ताओं की याचिका पर तत्काल सुनवाई से भी इनकार कर दिया। जस्टिस बागची ने कहा कि इस बार भले ही वे वोट न डाल सकें, लेकिन उनके अधिकार सुरक्षित रहेंगे। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मतदान को “ऐतिहासिक” बताया, वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने अपीलों के धीमे निपटारे पर चिंता जताई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार बंगाल में बढ़े मतदान के पीछे कई कारण हैं, जिनमें मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव, राजनीतिक ध्रुवीकरण, प्रवासी मजदूरों की वापसी और निर्वाचन आयोग की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं। महिला मतदाताओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही, जो पुरुषों से अधिक दर्ज की गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रिकॉर्ड मतदान का असर चुनावी नतीजों पर निर्णायक हो सकता है और राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।