
रायपुर, पुरानी बस्ती क्षेत्र। राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल के एक छात्र के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। करीब 40 सेकेंड के वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि छात्र को 46 से अधिक थप्पड़ मारे गए। वीडियो में एक युवक पीड़ित छात्र के चेहरे पर लात मारते हुए भी दिखाई दे रहा है। मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। आरोप है कि स्कूल में छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद एक छात्र ने बाहर से कुछ युवकों को बुलाया। इसके बाद पीड़ित छात्र को घेरकर उसके साथ लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की गई। घटना के दौरान किसी ने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर रील बनाकर वायरल कर दिया।
स्कूल विवाद के बाद बुलाए गए बाहरी युवक
जानकारी के अनुसार, स्कूल परिसर में किसी बात को लेकर छात्रों के बीच कहासुनी हुई थी। आरोप है कि विवाद के बाद एक छात्र ने बाहरी लड़कों को बुलाया, जिन्होंने स्कूल से बाहर पीड़ित छात्र को निशाना बनाया। वायरल वीडियो में कई युवक एक छात्र की पिटाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
खुद को ‘डॉन’ बताकर धमकाने का आरोप
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मारपीट करने वालों में शामिल एक युवक ने खुद को ‘डॉन’ बताया और अपनी मां के वकील होने का धौंस दिखाया। इतना ही नहीं, उसने कथित तौर पर यह भी कहा कि उसकी ‘जज से सेटिंग’ है। इन धमकियों के बाद छात्र और उसके परिवार में भय का माहौल बन गया है।
प्राचार्य से शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना की जानकारी स्कूल के प्राचार्य को दी गई थी और लिखित शिकायत भी की गई, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद दोषियों पर सख्ती नहीं होने से छात्र खुद को स्कूल में असुरक्षित महसूस करने लगा। बताया जा रहा है कि लगातार डर और मानसिक दबाव के कारण छात्र ने अंततः स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) लेकर पढ़ाई छोड़ दी। इस घटना के बाद स्कूल में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो वायरल होने से बढ़ी चिंता
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। छात्र संग मारपीट करने के साथ उसका वीडियो बनाकर सार्वजनिक रूप से वायरल किए जाने को लेकर लोगों में नाराजगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं किशोर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकती हैं। फिलहाल पुलिस और स्कूल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक रूप से क्या कार्रवाई की गई है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।