रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलिसकर्मियों को वर्दी के महत्व और जिम्मेदारियों का संदेश देते हुए कहा कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प है। उन्होंने पुलिस जवानों से अपील की कि वे अपने व्यवहार, निष्ठा और सेवा भाव से आम जनता का भरोसा जीतें। सोमवार को चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के पासिंग आउट परेड समारोह में मुख्यमंत्री ने 859 प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास जाता है, इसलिए इस भरोसे को बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “क्षेत्र को डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल अच्छे व्यवहार और विश्वास से ही जीते जा सकते हैं।” उन्होंने पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था तक सीमित न रहकर समाज से जुड़ने की सलाह दी। साय ने बताया कि अब देश में पुराने औपनिवेशिक कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के तहत प्रशिक्षित यह पहला बैच न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।
समारोह में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, एडीजी दीपांशु काबरा, अकादमी संचालक अजय यादव और एसएसपी अभिषेक पल्लव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नए प्रशिक्षु पुलिस बल को और मजबूत करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से ऐसा माहौल बनाने की अपील की, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पुलिसिंग को आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए कई सुधार किए जा रहे हैं। साइबर सेल की स्थापना, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और अत्याधुनिक उपकरणों का समावेश इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अब केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में भी अपनी भूमिका निभाएगी।