बालोद। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के विरोध में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय सतनाम क्रांति मुक्ति मोर्चा, भीम आर्मी और भारत एकता मिशन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ ईसाई संगठनों ने इस कानून का विरोध जताया। प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त कलेक्टर मधु हर्ष को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को प्रभावित कर सकता है। संगठनों ने आशंका जताई कि इस कानून से समाज में असंतोष बढ़ सकता है और लोगों की आस्था पर असर पड़ सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि इस विधेयक पर पुनर्विचार किया जाए और सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए। इस दौरान जिला स्तर के पदाधिकारी, समाजसेवी डॉ. प्रशांत कुमार सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। संगठनों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।