
रायपुर, 21 अगस्त 2026। प्रदेश में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों से जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर स्वयं व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन योजनाओं का निर्माण पूर्ण हो चुका है, उनका भौतिक सत्यापन शीघ्र कराया जाए तथा पूर्ण एवं पंचायतों को हस्तांतरित योजनाओं से संबंधित लंबित भुगतानों का तत्काल निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सोलर आधारित योजनाओं तथा क्रेडा से संबंधित नल-जल योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। स्त्रोत समस्याओं से प्रभावित योजनाओं को स्थानीय निधि से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। वहीं जिन जिलों में सब इंजीनियरों की कमी है, वहां अन्य विभागों के इंजीनियरों की सेवाएं लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया।
मुख्य सचिव ने जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक की कार्यवाही समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड हो तथा मिशन के कार्यों की निरंतर निगरानी की जाए। उन्होंने कलेक्टरों से स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से नल के माध्यम से स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक के दौरान 55 एलपीसीडी से कम तथा सात दिनों से जल प्रदाय प्रभावित योजनाओं की जानकारी भी अधिकारियों से ली गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक सहित विभाग एवं जल जीवन मिशन के अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला स्तरीय अधिकारी बैठक से जुड़े।