
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सांसदों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ते विवाद को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में अधिकारी इतने बेलगाम हो चुके हैं कि अब वे सांसदों की भी बात नहीं सुन रहे, जिससे प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता की स्थिति पैदा हो गई है। कांग्रेस ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और दुर्ग सांसद विजय बघेल द्वारा अधिकारियों के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष से विशेषाधिकार हनन की शिकायत किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि यह सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों को ही अपनी बात मनवाने के लिए शिकायत करनी पड़ रही है, तब आम जनता की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह अधिकारियों के भरोसे चल रही है और सरकार उन पर नियंत्रण खो चुकी है।
भाजपा सांसदों की शिकायतों का हवाला
कांग्रेस ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के उस दावे का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि फोन पर बातचीत के दौरान अधिकारी अमित कटारिया ने उनसे ‘जो करना है कर लो’ कहा। इस प्रकरण के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सांसद के समर्थन में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी थी। प्रदेश कांग्रेस ने दुर्ग सांसद विजय बघेल द्वारा अधिकारियों के खिलाफ की गई शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा के अपने जनप्रतिनिधि भी प्रशासनिक रवैये से असंतुष्ट दिखाई दे रहे हैं।
अन्य घटनाओं का भी जिक्र
कांग्रेस प्रवक्ता ने एसपी समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में गृहमंत्री और एक पुलिस अधीक्षक के बीच हुई कथित नोकझोंक, बेमेतरा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा अधिकारियों के व्यवहार पर जताई गई नाराजगी तथा सांसद भोजराज नाग के बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएं दिखाती हैं कि जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
‘सुशासन तिहार में मिली शिकायतें सरकार की विफलता’
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान लाखों शिकायतें मिलना इस बात का प्रमाण है कि लोगों के छोटे-छोटे काम भी समय पर नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार भटकना पड़ रहा है। कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रशासनिक अराजकता पर तत्काल रोक लगाई जाए, अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनता का भरोसा सरकार से पूरी तरह उठ जाएगा।